Kanpur Thakur Vs Brahmin: कानपुर के पनकी क्षेत्र में एक निजी बैंक की दो महिला कर्मचारियों आस्था सिंह और ऋतु त्रिपाठी के बीच शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया और पुलिस तक पहुंच चुका है। ‘ठाकुर-ब्राह्मण’ टिप्पणी को लेकर उपजा यह मामला गुरुवार को तब और गरमा गया, जब आस्था सिंह का एक नया वीडियो वायरल हो गया। (Kanpur Thakur Vs Brahmin) इस वीडियो में आस्था भावुक नजर आ रही हैं और कहती सुनाई दे रही हैं कि उन्हें बदनाम किया गया है। उनका कहना है, “चरित्र से बड़ा दाग क्या हो सकता है… ऐसा लगता है कि अब सुसाइड कर लेना चाहिए।” साथ ही उन्होंने ऋतु त्रिपाठी और उनके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और मानहानि का दावा करने की बात कही है।
दूसरी ओर ऋतु त्रिपाठी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं किया। (Kanpur Thakur Vs Brahmin) ऋतु का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे भयभीत हैं। उन्होंने भी आस्था सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की है और पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
ऋतु अपने पति ऋषि के साथ पनकी थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। (Kanpur Thakur Vs Brahmin) पनकी इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया के अनुसार, आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर ऋतु और उनके पति के बयान लिए गए हैं। आस्था सिंह को भी थाने बुलाए जाने की बात कही गई है, हालांकि अब तक बैंक की ओर से कोई सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ऋतु ने बताया कि उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। (Kanpur Thakur Vs Brahmin) बुधवार को बैंक की जांच टीम ने वीडियो कॉल के जरिए उनका पक्ष सुना था। वहीं आस्था फिलहाल अवकाश पर हैं और उनसे अब तक बैंक की किसी जांच टीम ने संपर्क नहीं किया है। इस बीच बैंक अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जानकारी जिलाधिकारी को भी दी है।
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब आस्था सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर कहती सुनाई दीं “मैं ठाकुर हूं, बकैती न करो…”। इसके बाद ऋतु ने आरोप लगाया कि आस्था ने उनके पति और ननद के साथ अभद्रता की। जवाब में ऋतु का एक बयान भी सामने आया “ब्राह्मण होना क्या जुल्म है?”। इसके बाद से सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी बहस, ट्रेंड और एआई वीडियो तक सामने आने लगे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया है।















