Kolkata Violence: सीएम योगी की राह पर शुभेंदु अधिकारी! सड़क पर नमाज और अतिक्रमण पर सख्त ऐक्शन का ऐलान

Facebook
X
WhatsApp

Kolkata Violence: उत्तर प्रदेश में जिस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक जगहों पर नमाज और कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाते रहे हैं, अब पश्चिम बंगाल में भी उसी राह पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी चलते दिखाई दे रहे हैं। यहां एक तरफ जहां यूपी में बकरीद से पहले सीएम योगी ने साफ कहा है कि सड़कें चलने के लिए होती हैं, नमाज पढ़ने के लिए नहीं। प्यार से मानेंगे तो ठीक, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।”

वहीं अब ठीक उसी तरह कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में सड़क पर नमाज और अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में हुए बवाल के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी सख्त ऐक्शन मोड में नजर आ गए हैं। पार्क सर्कस में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर पथराव किए जाने के बाद बंगाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हिंसा में कई जवान घायल हुए हैं, जबकि पुलिस अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। शुभेंदु अधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि धार्मिक नारों की आड़ में पत्थरबाजी, सड़क जाम और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Also Read –Lucknow News: लखनऊ में वकीलों का हंगामा, चैम्बर तोड़े जाने पर कैसरबाग रोड दो घंटे तक जाम

Kolkata Violence: पार्क सर्कस में कैसे भड़का विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने का फैसला लिया था। इसके साथ ही अजान और ईद पर कुर्बानी को लेकर नई गाइडलाइंस भी जारी की गई थीं। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता में अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जा रहा था। इन्हीं फैसलों के विरोध में रविवार को कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग के पास भारी भीड़ जमा हो गई। यह इलाका शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में माना जाता है। जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और नारेबाजी शुरू कर दी।

Also Read –Lucknow news: लखनऊ में युवती की हत्या से हड़कंप, घर से निकली थी ऑफिस के लिए, नहीं लौटी वापस

जिसके बाद जब पुलिस ने भीड़ को हटाने और ट्रैफिक बहाल कराने की कोशिश की तो हालात अचानक बेकाबू हो गए। यहां भीड़ की तरफ से पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ की बस समेत कई सरकारी वाहनों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। जीके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

हिंसा के बाद पुलिस का बड़ा ऐक्शन

वहीं हिंसा और पुलिस वाहनों पर हमले के मामले में पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।

वहीं सोमवार को भी पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों, खासकर तिलजला इलाके में फ्लैग मार्च किया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस गश्त कर रही है ताकि दोबारा कोई हिंसक स्थिति पैदा न हो सके।

“कश्मीर में पत्थरबाजी खत्म हुई, बंगाल में भी होगी”

वहीं इस मामले को लेकर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पार्क सर्कस का दौरा किया और घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपद्रवियों को सख्त चेतावनी भी दी है। इस दौरान उन्होंने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पत्थरबाजी की घटनाएं खत्म हो चुकी हैं और अब बंगाल में भी इसे हर हाल में खत्म किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि धार्मिक नारों की आड़ में गुंडागर्दी और पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग सवाल पूछ सकते हैं, पुलिस स्टेशन जाकर जवाब मांग सकते हैं, लेकिन भीड़ इकट्ठा करके पत्थर मारना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

“AC में बैठकर तमाशा नहीं देखूंगा”

इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उपद्रवियों को संरक्षण मिलता था और पुलिस कार्रवाई करने से बचती थी। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा कि पुलिस घायल होती रहे और मुख्यमंत्री एसी कमरे में बैठकर तमाशा देखते रहें। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब राज्य में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय बलों की तैनाती बनाए रखने की मांग

दरअसल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास राज्य के गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ की तैनाती बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया गया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि विधानसभा चुनावों के दौरान तैनात की गई 40 पैरामिलिट्री कंपनियों को फिलहाल बंगाल में ही रहने दिया जाए ताकि पुलिस बल की कमी न हो और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा मजबूत बनी रहे।

बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

वहीं पार्क सर्कस हिंसा को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। वहीं पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सरकार के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर निशाना साधते हुए कहा है कि, बंगाल गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती है, यहां बुलडोजर की राजनीति में विश्वास नहीं किया जाता।

हालांकि दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी लगातार सख्त संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। जिस तरह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक व्यवस्था और सड़क पर नमाज जैसे मुद्दों पर खुलकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं, उसी तरह अब बंगाल में भी शुभेंदु अधिकारी कानून व्यवस्था और अतिक्रमण के मुद्दे पर आक्रामक नजर आ रहे हैं।

क्या बोले थे सीएम योगी?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त बयान देते हुए कहा है कि, “लोग मुझसे पूछते हैं साहब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है। आप जाकर देख लो नहीं होती है। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा। क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहां उसका स्थल होगा वहां जाकर करें।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “उन लोगों ने मुझसे कहा साहब कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा शिफ्ट में कर लो। तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो। और नहीं है सामर्थ्य क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और यह चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कानून का राज होगा। कानून के राज को सबको समान रूप से लागू करेंगे। नमाज पढ़नी आवश्यक है। आप शिफ्ट में पढ़िए। हम उसको रोकेंगे नहीं। लेकिन सड़क पर नहीं। सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे। सरकार का नियम सार्वभौम है।

सबके लिए समान रूप से लागू होता है।” उन्होंने आगे कहा, “हमने कहा भाई नहीं चलने देंगे। अराजकता नहीं सड़कों पर फैलने देंगे। प्यार से मानेंगे ठीक बात है। नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना। आप संवाद से मानेंगे संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया। देख लिया ताकत। इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती।”

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें