Lucknow News: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग क्षेत्र में सोमवार को अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। अधिवक्ताओं के चैम्बर तोड़े जाने के विरोध में बड़ी संख्या में वकील सड़क पर उतर आए और कचहरी गेट नंबर 4 के सामने कैसरबाग रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक इलाके का यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के उनके चैम्बरों को तोड़ दिया। इस कार्रवाई से कई अधिवक्ताओं के जरूरी दस्तावेज, फाइलें और अन्य सामान प्रभावित हुए हैं। वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की इस कार्रवाई ने उनके पेशेवर कार्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।
Lucknow News: प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर वकीलों ने कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन को किसी निर्माण को हटाना था तो पहले उचित व्यवस्था और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। वकीलों का कहना था कि चैम्बर सिर्फ बैठने की जगह नहीं बल्कि उनके पेशे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जहां वर्षों से जरूरी केस फाइलें और दस्तावेज रखे जाते हैं। अचानक हुई कार्रवाई से कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा है।
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जाम में फंसे स्कूल वाहन और एंबुलेंस
कैसरबाग रोड पर हुए जाम का असर पूरे इलाके में देखने को मिला। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बसें और मरीजों को लेकर जा रहे वाहन भी जाम में फंस गए। कई राहगीरों को पैदल निकलने में भी परेशानी हुई।स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वकील अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
बातचीत के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। हालांकि अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।















