Maha Kumbha Chadhava Chori: राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े कुछ और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। लोगों की आस्था पर कलंक लगाने वाले आरोपियों की काली करतूत की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। दावा है कि महाकुंभ के दौरान बहुत ही संगठित ढंग से चंदा चोरी को अंजाम दिया गया। (Maha Kumbha Chadhava Chori) शक है कि इस दौरान फौरी तौर पर भर्ती किए गए बैंक कर्मचारी और कुछ पुलिस वाले भी इसमें शामिल हो सकते हैं। 2025 में 13 जनवरी से 25 फरवरी तक, 45 दिन तक चले इस महाकुंभ में पीक डेज में राम मंदिर के दर्शनार्थियों कि संख्या 10 से 12 लाख प्रतिदिन थी। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों की सिफारिश पर सैनिक सिक्योरिटी की तरफ से नया स्टाफ भेज गया था।
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सैनिक सिक्योरिटी के गौरव सिंह कि तरफ से इंडियन एक्सप्रेस हिन्दी को बताया गया कि हमने सिर्फ उनके बेसिक कागज देखे। वे लोग बैंकिंग के काम में कभी नहीं रहे और न ही इस चीज का उनको अनुभव था। भर्ती किए गए नए लोगों में कोई भी नोट गिनने के काम में दक्ष नहीं था। (Maha Kumbha Chadhava Chori) यह जो भर्ती किए गए थे वे हाउस कीपिंग यानी सफाई कर्मचारी थे। गौरव सिंह ने साफ किया कि राम मंदिर मामले में एजेंसी को अपनी मर्जी का स्टाफ चुनने की आजादी नहीं थी। उनका काम बस इतना था कि उनका बस आधार कार्ड देखो और अपने रोस्टर पर लो और बस भेज दो। इन्होंने पहले कभी एजेंसी का काम किया। इससे जुड़े सारे दस्तावेज अब मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंप दिया है।
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उल्लेखनीय है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी तब खुला, जब मंदिर में मौजूद दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई। जिस एक ग्रुप के लोगों को लगा कि वे घाटे में हैं, उन लोगों ने सूचना लीक करना शुरू कर दिया।
Maha Kumbha Chadhava Chori: क्या टिन्नू यादव ने लीक की सूचना?
हाल ही में मीडिया रेपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टिन्नू यादव लंबे समय तक चंपत राय के निजी ड्राइवर और करीबी सहयोगी के रूप में काम करता था। (Maha Kumbha Chadhava Chori) दावा किया गया है कि चंपत राय ने अपने विश्वासपात्रों से कहा कि जब जांच की आंच टिन्नू यादव तक पहुंचने लगी तो उसने कथित तौर पर मामले से जुड़ी जानकारी समाजवादी पार्टी के एक नेता तक पहुंचा दी। हालांकि, इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चंपत राय, अनिल मिश्रा से हो चुकी SIT की पूछताछ, अगला कौन?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी कि जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने चंपत राय, अनिल मिश्रा से घंटों पूछताछ कर चुकी है। (Maha Kumbha Chadhava Chori) खबर है कि अब जांच की आंच मंदिर की व्यवस्था देख रहे गोपाल राव और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी तक पहुंचेगी। जल्द ही इन लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।











