Mahua Moitra Expelled: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट के आधार पर ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ के लिए सदन की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। इससे पहले 18 साल पहले भी 11 सांसदों को इसी आरोप में सदन से निकाला गया था।
मोइत्रा पर आरोप था कि उन्होंने कारोबारी हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछे। इस मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शिकायत की थी। आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में मोइत्रा को दोषी पाया और उन्हें सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की।
मोइत्रा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया था और कहा था कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया जा रहा है। (Mahua Moitra Expelled) उन्होंने आचार समिति की सुनवाई से भी किनारा कर लिया था।

मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने के फैसले को सत्तारूढ़ भाजपा ने स्वागत किया है। (Mahua Moitra Expelled) पार्टी ने कहा है कि यह फैसला संसद की मर्यादा को कायम रखने के लिए महत्वपूर्ण है। विपक्षी दलों ने इस फैसले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। महुआ मोइत्रा के निष्कासन के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। पार्टी ने कहा है कि यह फैसला लोकतंत्र पर हमला है। पार्टी ने कहा है कि वह मोइत्रा के पक्ष में लड़ेगी।
मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने के फैसले से एक बार फिर संसद में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले भी कई सांसदों पर पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि भविष्य में क्या होता है।
Mahua Moitra Expelled: ये तीन सांसद हुए थे निष्कासित
दुर्योधन स्टिंग ऑपरेशन 12 दिसंबर 2005 हो हुआ, इस ऑपरेशन से सियासी भूचाल मच गया. स्टिंग ऑपरेशन में सांसदों को पैसा लेकर सवाल पूछने का इच्छूक बताया गया. इसमें बीजेपी के छह सांसद, बसपा के 3 सांसद, राजद के एक सांसद और कांग्रेस के एक सांसद शामिल थे. (Mahua Moitra Expelled) बसपा के तीनों सांसद यूपी से थे, तीन सांसदों में नरेंद्र कुशवाहा, लाल चंद्र कोल और राजाराम पाल शामिल थे. इन्हें संसद में वोटिंग के जरिए निष्कासित किया गया था.
जब 11 सांसदों को संसद से निष्कासित किया गया था, तब लोकसभा के स्पीकर सोमनाथ बनर्जी थे. उस वक्त लोकसभा स्पीकर ने सांसदों को उनका पक्ष रखने का मौका नहीं दिया था. हालांकि पैसा लेकर सवाल पूछने पर लोकसभा से निष्कासित होने वाले पहले सांसद कांग्रेस के एसजी मुगदल थे. 1951 में एसजी मुगदल को निष्कासित किया गया था. उनपर उद्योगपति से पैसा लेकर सवाल पूछने का आरोप लगा था.









