Mukhtar Ansari: गाजीपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट से माफिया मुख्तार अंसारी को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर के एक और मामले में दस साल की सजा सुनाई है। पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इससे पहले भी एक अन्य गैंगस्टर के मामले में मुख्तार को दस साल की सजा हो चुकी है। इसके अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या में भी मुख्तार अंसारी को सबसे बड़ी सजा उम्रकैद की सुनाई जा चुकी है। मुख्तार अंसारी को अब तक सात मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है।
गैंगस्टर केस में मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा, 5 लाख जुर्माना भी लगा. #india24x7livetv #NewsUpdate #mukhtaransari pic.twitter.com/dVi5D7NTow
— India 24×7 live Tv (@india24x7livetv) October 27, 2023
शुक्रवार को गाजीपुर के करंडा थाने में दर्ज केस में एमपीएमएलए कोर्ट के जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने फैसला सुनाया। मुख्तार के अलावा सोनू यादव को भी सजा सुनाई गई है। उसे पांच साल की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्तार को बांदा जेल से पेश किया गया। 2009 में करंडा क्षेत्र के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह की हत्या और मुहम्मदाबाद के अमीर हसन की हत्या के प्रयास के मामले को आधार बनाकर मुख्तार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। एमपी/ एमएलए कोर्ट में गत 17 अक्तूबर को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी। गुरुवार को दोनों को दोषी करार दिया गया था।
Mukhtar Ansari: जानिए क्या है पूरा मामला…
दरअसल, करंडा क्षेत्र के सुआपुर के रहने वाले रिटायर्ड टीचर कपिल देव सिंह की हत्या मामले से जुड़ा गैंगस्टर केस चल रहा है। मुख्तार को कपिलदेव सिंह हत्याकांड में साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। 13 साल पहले एक बाहुबली के घर में कुर्की के मामले में पुलिस ने कपिलदेव सिंह को गवाह बनाया था। गवाह बनने के बाद वह बाहुबलियों के निशाने पर आ गए थे और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
अंतराज्यीय गिरोह चलाने वाले मुख्तार अंसारी पर कुल 61 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें डेढ़ दर्जन केस कोर्ट में विचाराधीन है। अब तक छह मुकदमों में कोर्ट ने सजा सुनाई है। मुख्तार अंसारी गिरोह का पंजीकरण गाजीपुर में 14 अक्तूबर 1997 को हुआ था। आईएस (इंटर-स्टेट) 191 के रूप में गैंग दर्ज हुआ था। तब 22 सदस्य थे। वर्तमान में इस गिरोह में 19 सदस्य हैं। मुख्तार के विरुद्ध लखनऊ में पांच, आगरा में एक, बाराबंकी में दो, पंजाब में एक तथा वाराणसी तथा अन्य जनपदों में 52 मुकदमे हैं।









