Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बड़ी और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। ब्रह्मपुरा इलाके के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में हुए भयानक अग्निकांड में छह बेकसूर मरीजों की मौत के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की कड़ी चेतावनी और आदेश के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और मामले के तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में अस्पताल के मेंटेनेंस प्रमुख, एडमिनिस्ट्रेशन हेड और हादसे के वक्त आईसीयू में तैनात ऑन-ड्यूटी डॉक्टर शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जब अस्पताल में आग लगी, तब ये सभी जिम्मेदार लोग अपनी मुस्तैदी से पूरी तरह गायब थे।
Muzaffarpur Hospital Fire: शॉर्ट सर्किट और एसी की सर्विसिंग में लापरवाही
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने इस बड़ी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त तफ्तीश में यह बात निकलकर आई है कि अस्पताल के मेंटेनेंस मैनेजर अजीत कुमार ने लंबे समय से आईसीयू में लगे एयर कंडीशनर (AC) की मरम्मत या सर्विसिंग नहीं कराई थी। (Muzaffarpur Hospital Fire) भीषण गर्मी के कारण मशीन पर दबाव बढ़ा और गुरुवार 4 जून की अलसुबह करीब 3:30 बजे इसी एसी में जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे आईसीयू को आग के गोले में तब्दील कर दिया। समय पर उपकरणों का रख-रखाव न करना ही इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह बना।
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मरीजों को बेसहारा छोड़ भागे अस्पताल के कर्मचारी
इस हादसे का सबसे अमानवीय पहलू तब सामने आया जब पुलिस ने घटना के वक्त का ब्योरा जुटाया। सिटी एसपी के मुताबिक, जिस समय आईसीयू के भीतर आग की लपटें उठ रही थीं, वहां तैनात डॉक्टर पंकज अपनी सीट पर मौजूद ही नहीं थे। अस्पताल के प्रशासनिक प्रबंधक रामकुमार भी सुबह तब पहुंचे जब सब कुछ खाक हो चुका था। (Muzaffarpur Hospital Fire) सबसे शर्मनाक बात यह रही कि आग लगते ही अस्पताल का अन्य स्टाफ वॉर्ड में तड़प रहे लाचार मरीजों को बचाने के बजाय अपनी जान बचाकर वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। अगर कर्मचारियों ने समझदारी दिखाई होती, तो शायद छह जिंदगियां खत्म होने से बच जातीं।
अस्पताल मालिक फरार
इस अग्निकांड के बाद से ही प्रसाद हॉस्पिटल के मालिक डॉ. उपेंद्र प्रसाद पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, जो फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने साफ लफ्जों में कहा है कि यह घटना बेहद हृदयविदारक है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। (Muzaffarpur Hospital Fire) पुलिस अब अस्पताल की बिल्डिंग के निर्माण, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और स्टाफ ड्यूटी के नियमों की बारीकी से जांच कर रही है। ब्रह्मपुरा पुलिस ने फायर अफसर आर एन पाण्डेय की शिकायत पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और पकड़े गए तीनों आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस हादसे में झुलसे 18 अन्य मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।














