Muzaffarpur Hospital Fire Update: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के प्रसिद्ध ‘प्रसाद अस्पताल’ के आईसीयू वार्ड में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक तीन गंभीर मरीजों की जलने और दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। (Muzaffarpur Hospital Fire Update) लेकिन इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरान और परेशान करने वाली बात यह रही कि आग लगते ही अस्पताल का पूरा स्टाफ, डॉक्टर और कर्मचारी वहां भर्ती लाचार मरीजों को आग की लपटों के बीच तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस अमानवीय व्यवहार को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी गुस्सा है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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Muzaffarpur Hospital Fire Update: शॉर्ट सर्किट से भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, प्रसाद अस्पताल में यह भयानक हादसा सुबह के करीब तीन बजे हुआ, जब अस्पताल में ज्यादातर लोग सो रहे थे। शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। चश्मदीदों और पीड़ित परिजनों के अनुसार, जैसे ही आईसीयू वार्ड से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं, अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। एक पीड़ित परिजन ने रोते हुए बताया कि उनके बुजुर्ग पिता आईसीयू में जीवनरक्षक प्रणाली पर थे। (Muzaffarpur Hospital Fire Update) आग लगने के बाद जब उन्होंने मदद की गुहार लगाई, तो डॉक्टरों और नर्सों ने मरीजों की जान बचाने के बजाय खुद को सुरक्षित बाहर निकालना बेहतर समझा और सभी को मौत के मुंह में छोड़कर भाग खड़े हुए।
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दमकल कर्मियों ने खिड़की-दरवाजे तोड़कर बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन अधिकारी ने मीडिया को बताया कि जब उनकी टीम अस्पताल के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। पूरा स्टाफ गायब था और मरीज धुएं के गुबार के बीच फंसे हुए थे। (Muzaffarpur Hospital Fire Update) इसके बाद दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आईसीयू और अन्य वार्डों की खिड़कियों और लोहे के दरवाजों को कटर से काटा और कंक्रीट तोड़कर अंदर फंसे दर्जनों मरीजों को बाहर निकाला। परिजनों का यह भी आरोप है कि हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने मृत मरीजों के शवों को सौंपने में भी आनाकानी की।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
इस दर्दनाक अग्निकांड में अब तक 20 से ज्यादा मरीजों के गंभीर रूप से झुलसने और घायल होने की खबर है। धुएं के कारण कई मरीजों के फेफड़ों में दिक्कत आ गई है, जिससे उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। (Muzaffarpur Hospital Fire Update) मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने खुद मौके का मुआयना किया और तीन मरीजों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि घायल और गंभीर मरीजों को तुरंत पास के अन्य बड़े अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।















