पटना के बाहरी इलाके में मनेर कस्बे के पास गंगा नदी में गुरुवार को तीन नावें पलट गईं. इन पर सवार 40 से अधिक यात्री बाल-बाल बच गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यह हादसा पटना और बिहार के 15 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-तूफान की वजह से हुआ।
यात्रियों में ज्यादातर नाविक और सब्जी विक्रेता थे, जो नदी पार कर रहे थे. जब नावें बीच में थीं, तेज हवाएं चलने लगीं और नाविक जहाजों को नियंत्रित करने में असमर्थ थे. तैरकर सुरक्षित निकलने वाले नाविकों में से एक राजेश कुमार ने कहा, नदी में ऊंची लहरें उठीं और नावों का चलाना बेहद मुश्किल हो गया. कुछ नावों में रेत भी थी, जिससे नावों पर भार बढ़ गया.’ जैसे ही नावें नीचे जाने लगीं, यात्री और नाविक दोनों नदी में कूद पड़े और अच्छे तैराक होने के कारण वे तट पर सुरक्षित पहुंच गए।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
तेज हवाओं के चलते पटना समेत बिहार में कई जगहों पर पेड़ गिर गए, जहां कोतवाली थाने के बाहर एक पेड़ गिर गया और एक वाहन पार्किंग शेड का एक हिस्सा भी नीचे गिर गया. पटना में भी छह घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही. इस बीच मौसम विभाग के द्वारा अलर्ट जारी किया गया है. उनका कहना है कि पूर्व पश्चिम ट्रफलाइन उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश से हिमालयी पश्चिम बंगाल तक मध्य बिहार से होकर निकल रही है. जिसके प्रभाव के कारण अगले दो दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस मौसम में लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहना है।












