Raebareli News : केंद्रीय बजट 2026 में घोषित सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने रायबरेली वासियों के लिए विकास की नई उम्मीदें जगा दी हैं। इस योजना के तहत दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर का रायबरेली जिले से होकर गुजरना लगभग तय माना जा रहा है। यदि यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता है, तो दिल्ली से वाराणसी की 865 किमी. की दूरी मात्र चार घंटे में तय की जा सकेगी, जहाँ ट्रेनें 350 किमी./घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी।
Raebareli News: सर्वे ने बढ़ाई उम्मीद, इन तहसीलों को होगा लाभ
बता दें कि इस कॉरिडोर के लिए जिले में करीब पांच साल पहले ही प्रारंभिक सर्वे और नापजोख का काम पूरा किया जा चुका है। (Raebareli News) अनुमानित रूट के अनुसार, यह कॉरिडोर मथुरा, आगरा, लखनऊ, रायबरेली और प्रयागराज होते हुए वाराणसी पहुंचेगा। जिले की महराजगंज, सदर, ऊंचाहार और सलोन तहसील के गांवों से इस ट्रैक के गुजरने की प्रबल संभावना है। हालांकि, विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और आधिकारिक रूट मैप का अभी इंतजार है।
पुरानी रेल परियोजनाओं में फिर मिली निराशा
एक ओर जहाँ हाईस्पीड कॉरिडोर की सुगबुगाहट है, वहीं जिले की दो महत्वपूर्ण रेल लाइनें एक बार फिर बजट की फाइलों में दबी रह गईं। वर्ष 2013 में स्वीकृत ऊंचाहार-अमेठी और रायबरेली-अकबरगंज रेल लाइन परियोजनाओं पर इस बार भी कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी। (Raebareli News) शिलान्यास के वर्षों बाद भी इन परियोजनाओं के लटके होने से प्रतापगढ़ और अयोध्या जैसे जिलों से सीधे संपर्क का सपना अधूरा है।
अमृत भारत योजना: हाईटेक होंगे जिले के चार स्टेशन
बजट में अमृत भारत स्टेशन योजना को लेकर सकारात्मक रुख दिखा है। (Raebareli News) रायबरेली जिले के चार स्टेशनों— रायबरेली जंक्शन, बछरावां, ऊंचाहार और लालगंज—का कायाकल्प आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जा रहा है। रायबरेली जंक्शन पर काम तेजी से जारी है, वहीं बछरावां में इसी वर्ष काम पूरा होने की उम्मीद है। इन स्टेशनों पर विश्वस्तरीय प्रतीक्षालय, आधुनिक स्वच्छता प्रणाली और यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
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निष्कर्ष: यह बजट रायबरेली के लिए ‘बुलेट’ जैसी गति और ‘अमृत भारत’ जैसी आधुनिकता का वादा तो लाया है, लेकिन स्थानीय रेल संपर्क (ऊंचाहार-अमेठी लाइन) की पुरानी टीस अभी भी बरकरार है।















