Samrat Chaudhary: बिहार की राजधानी पटना में आज कूटनीति और विरोध का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद पहली बार नीतीश कुमार अपनी पार्टी के विधायकों के साथ औपचारिक रूप से रूबरू होंगे, वहीं दूसरी ओर गांधी मैदान का कारगिल चौक ‘नारी शक्ति’ के हुंकार से गूंज उठेगा। सोमवार को होने वाली जेडीयू विधायक दल की यह बैठक और एनडीए का आक्रोश प्रदर्शन राज्य की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
Samrat Chaudhary: विधायकों के साथ पहली औपचारिक बैठक
बिहार की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले नीतीश कुमार अब एक नई भूमिका में हैं। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपने और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने के बाद, यह पहला मौका है जब वे जेडीयू विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। (Samrat Chaudhary) सियासी जानकारों का मानना है कि इस बैठक का उद्देश्य पार्टी को एकजुट रखना और नई सरकार के साथ तालमेल बिठाना है। नीतीश कुमार अपने लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के आधार पर विधायकों को क्षेत्र में जनता के बीच जाने और संगठन को मजबूत करने का मार्गदर्शन देंगे। यह बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगामी ‘फ्लोर टेस्ट’ से ठीक पहले एकजुटता दिखाने का एक बड़ा माध्यम भी है।
Also Read –UP Weather: मौसम का ‘रौद्र रूप’! हीटवेव का यलो अलर्ट जारी, CM योगी ने जारी किया निर्देश
गांधी मैदान में ‘महिला ब्रिगेड’ का शक्ति प्रदर्शन
संसद में महिला आरक्षण विधेयक के गिर जाने की गूँज अब दिल्ली से चलकर पटना की सड़कों तक पहुंच गई है। एनडीए की महिला विंग ने इसे लेकर विपक्ष के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को गांधी मैदान के कारगिल चौक पर लाखों महिलाओं के जुटने की उम्मीद है, जो ‘आक्रोश प्रदर्शन’ के जरिए कांग्रेस और आरजेडी को महिला विरोधी बताने का प्रयास करेंगी। (Samrat Chaudhary) इस बड़े प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए के तमाम दिग्गज नेता शामिल होंगे। मंच से विपक्ष को घेरने और महिलाओं के हक की बात करने की रणनीति तैयार की गई है, जिससे आने वाले चुनाव में भाजपा और जेडीयू को बढ़त मिल सके।
Also Read –Deepika Padukone Film Raaka: क्या प्रेग्नेंसी के चलते Deepika Padukone के हाथ से निकल जाएगी Raaka?
2029 की तैयारी और एनडीए का ‘मास्टरप्लान’
इन दोनों बड़े घटनाक्रमों के पीछे एक बड़ा सियासी संकेत छिपा है। जेडीयू की बैठक जहां अंदरूनी मोर्चे को मजबूत करने के लिए है, वहीं गांधी मैदान का प्रदर्शन जनता के बीच ‘इमोशनल नैरेटिव’ सेट करने के लिए है। भाजपा और जेडीयू यह दिखाना चाहती हैं कि भले ही सम्राट चौधरी कमान संभाल रहे हों, लेकिन नीतीश कुमार का अनुभव उनके साथ है। वहीं, महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरकर एनडीए अपने ‘कोर वोट बैंक’ को सुरक्षित करने में जुटा है। आज का दिन यह तय कर देगा कि बिहार में ‘डबल इंजन’ की यह सरकार विपक्ष के तीखे हमलों का सामना किस कदर करेगी।















