Samrat Choudhary Oath: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुधवार सुबह 11 बजे लोकभवन में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस शपथ ग्रहण के साथ ही वह बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बन जाएंगे, जो राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय से सत्ता में विभिन्न गठबंधनों की भूमिका रही है, लेकिन अब भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो रहा है।
Samrat Choudhary Oath: जदयू की ओर से पहली बार दो उपमुख्यमंत्री
इस नई सरकार की एक और खास बात यह है कि जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से पहली बार दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। दोनों नेता सम्राट चौधरी के साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। (Samrat Choudhary Oath) इस कदम को गठबंधन संतुलन और राजनीतिक समीकरण साधने के रूप में देखा जा रहा है। (Samrat Choudhary Oath) हालांकि, शपथ ग्रहण के बाद भी राज्य मंत्रिमंडल में 33 पद खाली रहेंगे। माना जा रहा है कि आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से अपनी टीम तैयार करेगी और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय करेगी।
सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को चुना गया विधायक दल का नेता
नई सरकार के गठन के दौरान लोकभवन में एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। इनमें शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, जीतन राम मांझी, संजय झा, विजय चौधरी और अरुण भारती जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर एनडीए पूरी मजबूती के साथ इस बदलाव के पीछे खड़ा है। (Samrat Choudhary Oath) इससे पहले मंगलवार शाम साढ़े चार बजे विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में नीतीश कुमार और शिवराज सिंह चौहान समेत गठबंधन के शीर्ष नेता मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। प्रस्ताव स्वयं नीतीश कुमार ने रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया।
नेता चुने जाने के बाद एक दिलचस्प और भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिला। नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को माला पहनाकर बधाई दी, वहीं सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य राजनीतिक शिष्टाचार और आपसी सम्मान का प्रतीक माना गया। (Samrat Choudhary Oath) इसके पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले कैबिनेट की अंतिम बैठक की। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, नई सरकार के शपथ लेने तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को एक विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” और नीतीश कुमार के “समृद्ध बिहार” के विजन को आगे बढ़ाने की बात कही। (Samrat Choudhary Oath) उन्होंने यह भी कहा कि वे जाति और धर्म से ऊपर उठकर सुशासन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया कि वे भाजपा की विचारधारा के अनुरूप काम करेंगे और बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगे। उनके इस बयान से साफ है कि नई सरकार विकास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता को अपना मुख्य एजेंडा बनाने जा रही है।















