Srinagar Nowgam police station blast: क्या है श्रीनगर में हुए ख़ौफ़नाक धमाके का असली सच? नौगाम थाने में ब्लास्ट का असली मास्टरमाइंड कौन

Facebook
X
WhatsApp

Srinagar Nowgam police station blast: श्रीनगर का नौगाम पुलिस स्टेशन 14 नवंबर की रात को अचानक आग के एक भयंकर गोले में बदल गया। रात 11 बजकर 22 मिनट पर हुआ यह धमाका इतना जबरदस्त था कि कश्मीर की सबसे घनी आबादी के ऊपर आसमान में आग का एक विशाल गुंबद उठ गया। सीसीटीवी फुटेज में जो मंजर कैद हुआ, वह किसी युद्ध फिल्म जैसा दिखाई देता है। कई किलोमीटर दूर तक लोग नींद से जाग उठे, आसपास की इमारतें ढह गईं, और नौगाम थाने में मौजूद 9 लोग जिनमें एक इंस्पेक्टर, सीएफएसएल के तीन विशेषज्ञ, क्राइम ब्रांच के दो फोटोग्राफर, दो राजस्व अधिकारी और एक स्थानीय दर्जी मौत के मुंह में समा गए। (Srinagar Nowgam police station blast) पहले इसे आतंकी हमला समझा गया, लेकिन जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने बाद में जांच के आधार पर स्पष्ट किया कि यह आतंकी हमला नहीं था, बल्कि मानवीय चूक से हुआ एक दुखद हादसा था। लेकिन सवाल यह है कि आतंकियों का बारूद, जो पुलिस की हिरासत में था, वह थाने के अंदर इतना भयंकर विस्फोट कैसे कर गया?

Also Read –Kanpur Road Accident: भीषण हादसा! Agra-Lucknow Expressway पर पलटी डबल डेकर बस, तीन यात्रियों की मौत; 25 से अधिक घायल

Srinagar Nowgam police station blast: फरीदाबाद से आया था 360 किलो बारूद का जखीरा

इस पूरे हादसे की जड़ 9 नवंबर को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद के नए ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ के पर्दाफाश से जुड़ी है। फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के किराए के घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, तार, डेटोनेटर, बैटरियाँ और कुछ लिक्विड रसायन बरामद किए थे। (Srinagar Nowgam police station blast) सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए, पुलिस इस भारी बारूदी जखीरे को फरीदाबाद से 800 किलोमीटर दूर नौगाम थाने ले आई। इस विस्फोटक सामग्री को नौगाम थाने के खुले अहाते में रख दिया गया। 14 नवंबर की शाम, बरामद बारूद के हर पैकेट की सैंपलिंग करने के लिए सीएफएसएल (CFSL) की टीम थाने पहुँची और अपना काम शुरू कर दिया।

Also Read –Saudi Arabia bus accident: सऊदी अरब में भीषण बस हादसे पर पर पीएम मोदी ने जताया दुख, भारत ने तुरंत जारी किए हेल्पलाइन नंबर

‘शैतान की मां’ TATP बनने का ख़तरा

हादसे की वैज्ञानिक पड़ताल शुरू की गई है। अमोनियम नाइट्रेट एक ठोस पदार्थ है, जो अकेले धमाका नहीं कर सकता। (Srinagar Nowgam police station blast) इसे विस्फोटक (ANFO) बनाने के लिए फ्यूल ऑयल, डीजल, पेट्रोल या लिक्विड रसायन जैसे एसिटोफेनोन, हाइड्रोजन पेरोक्साइड या सल्फ्यूरिक एसिड की आवश्यकता होती है। (Srinagar Nowgam police station blast) जाँच में पता चला कि अमोनियम नाइट्रेट के ढेर की सैंपलिंग लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन अब बारी उस लिक्विड की थी, जिसे लेकर खास सतर्कता की ज़रूरत थी। शुरुआती जाँच यही कहती है कि जिस वक्त सैंपलिंग चल रही थी, वही लिक्विड अमोनियम नाइट्रेट के ढेर के बेहद करीब रखा था।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमोनियम नाइट्रेट में सल्फ्यूरिक एसिड जैसा कोई लिक्विड मिल जाए, तो यह TATP (ट्राइएसीटोन पेरॉक्साइड) यानी ‘शैतान की मां’ में बदल जाता है। TATP इतना संवेदनशील होता है कि स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी की एक हल्की चिंगारी भी उसे उड़ा सकती है। (Srinagar Nowgam police station blast) ठंड के मौसम में कपड़ों के रगड़ने से, बालों में कंघी से, या लोहे के गिरने से उठने वाला मामूली करंट या स्पार्क भी इस मिश्रण को भड़का सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि लिक्विड और अमोनियम नाइट्रेट में हुई मामूली मिलावट भी बड़े धमाके का कारण बन सकती है।

किसकी लापरवाही ने ली 9 लोगों की जान?

यह हादसा सिर्फ एक भयंकर विस्फोट नहीं था, बल्कि सुरक्षा मानकों और मानवीय लापरवाही का दुखद परिणाम था। कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं:

सैंपलिंग में चूक: क्या लिक्विड और अमोनियम नाइट्रेट गलती से मिल गए? क्या कोई रिसाव फॉरेंसिक टीम की नजर से बच गया?

असुरक्षित भंडारण: नौगाम की घनी आबादी के बीच, इतने भारी और संवेदनशील विस्फोटक को खुले अहाते में क्यों रखा गया?

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: क्या 14 नवंबर की रात सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ? क्या टीम ने संभावित केमिकल रिएक्शन के जोखिम को कम आंका?

डीजीपी के अनुसार, यह आतंकी हमला नहीं, बल्कि मानवीय चूक थी, जिसकी कीमत 9 बेकसूर लोगों ने जान देकर चुकाई। (Srinagar Nowgam police station blast) NIA और विस्फोटक विशेषज्ञ अब गहराई से जांच में जुटे हैं कि इस भारी लापरवाही के लिए वास्तव में कौन ज़िम्मेदार था, जिसने नौगाम थाने को चंद मिनटों में मलबे में बदल दिया।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें