Suresh Kalmadi death: पुणे शहर में आज एक दुःखद खबर सामने आई। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 82 साल की उम्र में उनका निधन शहर के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में हुआ। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे में रखा जाएगा, जबकि उनका अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे पुणे के वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ में संपन्न होगा।
Suresh Kalmadi death: सैनिक से नेता तक का सफर
सुरेश कलमाड़ी का जीवन सेवाभाव और नेतृत्व का उदाहरण रहा। उन्होंने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और नेशनल डिफेंस अकादमी, खड़कवासला से स्नातक होकर 1965 में भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में सेवा शुरू की। कलमाड़ी ने 1965 और 1971 की जंगों में देश की सेवा की। (Suresh Kalmadi death) उनके पिता, डॉ. के शामराव, पुणे के प्रसिद्ध समाजसेवी थे और कन्नड़ स्कूल और कन्नड़ संघ की स्थापना की थी, जिससे कलमाड़ी के अंदर समाज सेवा और नेतृत्व की भावना बचपन से ही विकसित हुई।
राजनीति में नई पहचान
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे, लेकिन शरद पवार के कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने नई पार्टी के साथ कदम मिलाया। (Suresh Kalmadi death) पवार ने उन्हें अपनी युवा इकाई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और 1982 में पहली बार राज्यसभा भेजा। बाद में कलमाड़ी फिर से कांग्रेस में लौट आए। 1991 के लोकसभा चुनाव में पुणे के सांसद विट्ठलराव गाडगिल की हार के बाद उन्होंने कांग्रेस की स्थानीय कमान संभाली।
रेलवे राज्यमंत्री और संसद में योगदान
कलमाड़ी ने नरसिम्हाराव की सरकार में केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री के तौर पर भी काम किया। (Suresh Kalmadi death) उनके नाम का अनोखा रिकॉर्ड है। वे एकमात्र राज्यमंत्री हैं जिन्होंने संसद में रेल बजट पेश किया। उनके कार्यकाल में रेलवे और स्थानीय विकास में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। सुरेश कलमाड़ी का जीवन देश सेवा, राजनीति और समाजिक योगदान का प्रतीक रहा। उनके जाने से पुणे और देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण हस्ती की कमी महसूस होगी।















