Bihar: सनातन धर्म में मनुष्यों के अलावा कई पशु ऐसे हैं, जिन्हें भगवान का रूप समझा जाता है। इन्हीं रूपों में श्वान को भी एक रूप माना जाता है, जिन्हें भगवान शंकर के भैरव बाबा का रूप कहा जाता है।
इस बीच गया में श्वान की भक्ति की अनोखी तस्वीर सामने आई है। (Bihar) गया में एक काले श्वान की भक्ति देखते ही बन रही है। यह श्वान मनुष्य की तरह भगवान शंकर भैरव बाबा के मंदिर की परिक्रमा कर रहा है और इस तरह से भक्ति में लीन है। अनवरत पिछले 36 घंटे से अधिक समय से मनुष्य की तरह इसकी साधना जारी है।
एक काले श्वान (कुता) की अनोखी आस्था विश्व प्रसिद्ध मंगला गौरी मंदिर में देखने को मिल रही है। (Bihar) मंगला गौरी मंदिर के समक्ष ही भगवान भोले शंकर भैरव बाबा का मंदिर है। इस मंदिर में कई श्वान रहते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से एक श्वान को अनोखी आस्था करते देखा जा रहा है।
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यह भगवान शंकर भैरव बाबा के मंदिर की अनवरत परिक्रमा कर रहा है। इतना ही नहीं, जिस प्रकार से मनुष्य विधि विधान से परिक्रमा करते हैं, (Bihar) ठीक उसी तरह से यह श्वान भी परिक्रमा में जुटा हुआ है। इसकी आस्था देख मां मंगला गौरी मंदिर आने वाले लोग भी आश्चर्यचकित रह जा रहे हैं।
यह श्वान मनुष्यों की तरह ही बायें से दाएं की ओर परिक्रमा करता है। इसकी साधना पिछले दो दिनों से जारी है। एक बार भी ऐसा नहीं हुआ, कि इसने दाएं से बाएं, जो कि धार्मिक रूप से गलत कहा जाता है, उस तरह से परिक्रमा की हो। इस तरह एक यह मूक पशु एक ज्ञानवान की तरह मनुष्य की भांति परिक्रमा कर रहा है।
यह काला श्वान लगातार परिक्रमा करता है। थक जाने पर कुछ देर के लिए बैठ जाता है और फिर उसके बाद पुन परिक्रमा में जुट जाता है। लोग और पुजारी कहते हैं, कि यह भगवान भोलेनाथ भैरव बाबा के मंदिर के प्रति अपनी आस्था-भक्ति प्रकट कर रहा है। (Bihar) ऐसी अनोखी आस्था कम ही देखने को मिलती है। यह उनके लिए आश्चर्य चकित करने वाली बात है, तो इसे धर्म के नजरिए से धार्मिक चमत्कार भी कह सकते हैं। क्योंकि एक मूक पशु इस तरह से मनुष्यों की भांति मंदिर की लगातार पिछले दो दिनों से परिक्रमा कर रहा है।
यह घटना सभी के लिए एक प्रेरणा है। यह बताती है कि भक्ति का कोई बंधन नहीं होता है। भक्ति मनुष्य से लेकर पशु-पक्षियों तक में हो सकती है। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि हमें हमेशा भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति रखनी चाहिए।










