UP Excise Policy: उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा हाल ही में किए गए कुछ फैसलों पर राज्य के भाजपा सांसदों ने नाराजगी व्यक्त की है। इन फैसलों में टोल टैक्स में वृद्धि, बिजली के दाम बढ़ाने और शराब की कीमतें बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं।
BJP सांसदों का कहना है कि ये फैसले जनता के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स में वृद्धि से आम लोगों को परेशानी होगी। (UP Excise Policy) बिजली के दाम बढ़ाने से लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। और शराब की कीमतें बढ़ाने से शराबबंदी के लक्ष्य को हासिल करने में बाधा आएगी।
BJP सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि रामराज्य में सरकार के पास राजस्व बढ़ाने का विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की भलाई के लिए काम करना चाहिए, न कि राजस्व बढ़ाने के लिए। BJP सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि सरकार को टोल टैक्स में वृद्धि को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली के दाम बढ़ाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
BJP सांसद रामफल चौधरी ने कहा कि सरकार को शराबबंदी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। (UP Excise Policy) उन्होंने कहा कि शराब की कीमतें बढ़ाने से शराबबंदी के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।
राज्य सरकार ने इन फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि ये फैसले राज्य की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हैं। सरकार ने कहा कि टोल टैक्स में वृद्धि से सड़कों के रखरखाव में मदद मिलेगी। बिजली के दाम बढ़ाने से बिजली उत्पादन और आपूर्ति में सुधार होगा। (UP Excise Policy) और शराब की कीमतें बढ़ाने से शराब की बिक्री में कमी आएगी।
हालांकि, BJP सांसदों का कहना है कि ये फैसले जनता के हितों के खिलाफ हैं और इन फैसलों को वापस लेना चाहिए।

UP Excise Policy: सब दावे झूठे साबित हुए
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है, “प्रिय प्रदेशवासियों, उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार के पास एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए क्या यही एक रास्ता बचा है कि शराब रेलवे, मेट्रो स्टेशन व क्रूज पर बेची जाए. (UP Excise Policy) इसका मतलब ये हुआ कि लाखों-करोड़ों के निवेश के जो भी दावे किए गए थे, वो सब झूठे साबित हुए हैं, तभी तो सरकार ऐसे अनैतिक रास्तों को अपना रही है. आज शराब बिक रही है कल को दूसरे और भी मादक पदार्थ सार्वजनिक जगहों पर बेचे जाएंगे.’
उन्होंने लिखा, ‘अगर भाजपाई समझते हैं कि शराबखोरी इतनी ही अच्छी है तो अपने कार्यालयों से बेचें, सार्वजनिक स्थलों को अराजकता और अपराध का केंद्र न बनाएं. सरकार ऐसे फैसलों से घर-परिवार को बर्बाद न करे. महिलाएं और बच्चे जानते हैं कि शराब किस प्रकार घरेलू हिंसा से लेकर सार्वजनिक हिंसा का कारण बनती है और युवाओं के लिए घातक साबित होती है. इस फैसले के विरोध में प्रदेश की महिलाएं, परिवारवाले और युवा, भाजपा को हटाने का फैसला करेंगे. शराब और अपराध का गहरा संबंध होता है. ये भाजपा राज में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के जीरो हो जाने का एक और उदाहरण बनेगा.”









