हैकरों द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा की वेबसाइट हैक करने का मामला सामने आया है। वेबसाइट हैक होने की जानकारी मिलते ही साइबर थाने में यूपी डेस्को ने एफआईआर दर्ज करा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने वेबसाइट को हैक करके आपत्तिजनक पोस्ट भी डाली है, जिसके बाद इस मामले की जानकारी हो सकी। हालांकि, विधानसभा की वेबसाइट से कोई भी डाटा चोरी नहीं हुआ है।
साइबर क्राइम थाना के प्रभारी के मुताबिक, लखनऊ ग्रामीण में सूचना प्रोद्यौगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008, 66 सी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। यूपी डेस्को के सहायक प्रबंधक रामशंकर सिंह के मुताबिक, पुलिस को तहरीर दी गई है। मुकदमा दर्ज हो गया है। वहीं, एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने खुद गंभीरता से कार्रवाई शुरू करवा दी है। हर पल इस मामले की रिपोर्ट ले रहे हैं। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही हैकर को दबोच लेंगे।
वहीं, डीजीपी मुकुल गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा की वेबसाइट को हैक नहीं किया गया है। वेबसाइट एक प्राइवेट कंपनी द्वारा कॉन्ट्रैक्ट पर वर्ल्ड वाइड चलाई जाती है। इस दौरान वेबसाइट पर एक वनरेबल एडवर्टीजमेंट का पेज आ गया था, जोकि एक दवा का था। सिर्फ भारत में ही नहीं नेपाल और यूरोप के अन्य देशों में जहां-जहां यह वेबसाइट की कंपनी काम करती है उन सभी पर यह एडवर्टीजमेंट गया है। हालांकि, इस संदर्भ में एक एफआईआर दर्ज करा दी गई है और कंपनी से बात करके जांच की जा रही है।













