मोहनलालगंज के सिसेंडी में पेट्रोल पम्प मैनेजर जसवंत सिंह (45) की गोली मार कर हत्या कर दी गई। उनका शव भीलमपुर से भरसवा जाने वाले रास्ते पर नहर किनारे पड़ा मिला। ग्रामीणों ने खून से लथपथ शव देख कर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने जसवंत की बाइक, एक पिस्टल व खोखा बरामद किया है। पुलिस ने जसवंत के चाचा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
निगोहां मगटइया निवासी जसवंत सिंह सिसेंडी स्थित मान फीलिंग स्टेशन पर मैनेजर थे। वह ड्यूटी पर पहुंचे थे। सेल्समैन दुर्गेश तिवारी के मुताबिक जसवंत फोन आने पर बात करते हुए पम्प पर ही टहल रहे थे। इसके बाद वह बाइक लेकर चले गए। थोड़ी देर में वह लौट आए। जसवंत काफी परेशान लग रहे थे। उसने दुर्गेश से आठ हजार रुपये लिए। इस बीच जसवंत के पास दोबारा से फोन आ गया। वह बाइक लेकर सिसेंडी कस्बे की तरफ चले गए। दुर्गेश को जसवंत का शव नहर किनारे पड़ा होने की सूचना ग्रामीणों से मिली।
इंस्पेक्टर मोहनलालगंज दीनानाथ मिश्र के मुताबिक जसवंत की हत्या पिस्टल से गोली मार कर की गई है। उनकी कनपटी पर गोली लगी है। वहीं, जसवंत की बाइक नहर के पास खड़ी थी। वहीं, पिस्टल और एक खोखा शव के पास में पड़ा था। जसवंत के पिता अरुण सिंह ने रंजिश की बात से इनकार किया है। ऐसे में पुलिस अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही मौके से मिली पिस्टल के फिंगर प्रिंट की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों से मदद मांगी गई है। उन्होंने बताया कि जसवंत की हत्या किए जाने की तहरीर उनके चाचा ने दी है। जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना स्थल पर संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं।
मंगटइया निवासी अरुण सिंह का बेटा जसवंत परिवार का एकलौता कमाऊ सदस्य था। परिवार में पत्नी ममता, बेटे अर्पित और अस्मित हैं। पुलिस से अरुण को बेटे की गोली मार कर हत्या किए जाने की खबर मिली। जिसे सुन कर वह निढ़ाल हो गए। ममता को भी पति के साथ हुई वारदात का पता चल गया। बदहवास हालत में वह बेटे और ससुर के साथ मौके पर पहुंची। पति का शव देखते ही ममता उससे लिपट कर रोने लगी। बेटे अर्पित और अस्मित भी बेहाल थे। पिता अरुण के मुताबिक उनके बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर उसकी हत्या क्यों की गई है। यह बात उन्हें भी नहीं पता।













