हरियाणा के करनाल में मिनी सचिवालय पर धरना देने पहुंचे किसान प्रदर्शनकारियों ने वहीं पर अपने ठहरने का इंतजाम भी किया है। इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने खुद बताया। टिकैत ने कहा कि, हम अपने कपड़े और खाने का समान मिनी सचिवालय करनाल पर ही मंगा रहे है। उन्होंने कहा, “पुलिस-प्रशासन से हम आराम से बात करेंगे। वे जितना समय लेना चाहें लें, लेकिन हमें जब तक न्याय नहीं, जब तक हम रुकेंगे भी नहीं!”
वहीं, राकेश टिकैत को निशाने पर लेते हुए आज मोदी सरकार के मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने उन्हें हताश और निराश व्यक्ति करार दिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी ने कहा कि, “राकेश टिकैत हताश हैं..निराश हैं.. वो ऐसे शख्स हैं जो किसानों का प्रयोग अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा पूरी करने के लिए करना चाहते हैं। मैं बता रहा हूं कि, किसान उनके साथ नहीं हैं। उन्हें तो राजनैतिक लोग मदद दे रहे होंगे। इनका जो आंदोलन चल रहा है..ये गलत मंशा को लेकर है, इसलिए यह सफल भी नहीं होने वाला।”
करनाल में पुलिस-प्रदर्शनकारियों के टकराव पर हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान भी आया ह। हुड्डा ने राकेश टिकैत का पक्ष लेते हुए सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि, “अब जो कुछ हो रहा है…उसमें सरकार की कमी है। उन्होंने कहा कि, सरकार शुरू में ही न्यायिक जांच करा देती तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाता। उन्होंने कहा कि, टकराव से काम नहीं चलेगा। वे प्रदर्शन करें, सभी का अधिकार है। सरकार भी टकराव की स्थिति न आने दे। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि सरकार किसानों से तुरंत बातचीत शुरू करे। किसानों की जो मांगें हैं, उन्हें पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों में कमियां हैं।”













