Lucknow News: लखनऊ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि गमला चोरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित किए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्य सजावट पीएम के जाते ही प्रेरणा की जगह प्रलोभन बन गई। कार और स्कूटी सवार लोग सजावट में लगे गमले उठाकर ऐसे फरार हुए, मानो यह कोई सरकारी योजना का हिस्सा हो।
उद्घाटन के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल और आसपास के इलाके को फूलों और आकर्षक गमलों से सजाया गया था। (Lucknow News) लेकिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद सजावट का यह सौंदर्य धीरे-धीरे गायब होने लगा। लोग गमले उठाते दिखे, कोई स्कूटी की डिग्गी में तो कोई कार की पिछली सीट पर सजा-संवारकर ले जाता नजर आया।
Lucknow News: गमला चोरी रोकने के लिए लगायी गई फोर्स
सबसे दिलचस्प ये रहा कि जब मौके पर तैनात पुलिसकर्मी सब कुछ देखती रही। (Lucknow News) बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी गमला उठाने वालों को रोकने के बजाय मुस्कुराते हुए मूकदर्शक बने रहे, मानो सोच रहे हों सौ रुपये का गमला है, कौन सा सोना ले जा रहे हैं। लेकिन मामला जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस की नींद टूट गई। आला-अधिकारियों से ऐसी फटकार लगी कि ठाकुरगंज थाने की आधे से ज़्यादा फोर्स गमले की रखवाली में लग गई।
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब गमला चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही गमलों की सुरक्षा के लिए 30 कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। हालात ऐसे हो गए कि गमलों को चोरी से बचाने के लिए उन्हें हटवाने का फैसला भी लेना पड़ा। बताया जा रहा है कि एक गमले की कीमत करीब 100 रुपये है, लेकिन सवाल कीमत का नहीं, शहर की छवि का है। स्मार्ट सिटी बनने की राह पर चल रहे लखनऊ में अगर गमले भी सुरक्षित नहीं, तो फिर बड़े दावों का क्या होगा?















