Saayoni Ghosh NDA Meeting: राजनीति (Politics) में कब किस वक़्त नेताओं का रुख बदल जाए और कब विरोध की जगह समर्थन नज़र आने लगे, इसका अंदाजा लगाना बिलकुल भी आसान नहीं होता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में ऐसा ही बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कभी TMC और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की करीबी मानी जाने वाली युवा सांसद सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) अब पूरी तरह अलग राजनीतिक रास्ते पर दिखाई दे रही हैं।
TMC से अलग होकर NCPI का दामन थामने के बाद अब उनके बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और NDA सरकार की तारीफ से पूरी तरह से भरे हुए हैं। उनकी हाल ही में दी गयी टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
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Saayoni Ghosh NDA Meeting: NDA की संसदीय दल की बैठक में पहली बार शामिल हुईं Sayoni Ghosh
मंगलवार को संसद भवन परिसर की लाइब्रेरी बिल्डिंग में NDA संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई, जिसे ‘मंगल मिलन’ के नाम से जाना जाता है। इस बैठक में पहली बार TMC छोड़कर NCPI में शामिल हुए सांसदों ने भाग लिया। सायोनी घोष के साथ काकोली घोष (Kakoli Ghosh) और शताब्दी रॉय (Shatabdi Roy) भी बैठक में मौजूद रहीं।
पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई इस बैठक के बाद सायोनी घोष ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि यह बैठक उनके लिए बहुत ही ज्ञानवर्धक और जानकारी से भरपूर रही। उनके इस बयान ने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया क्योंकि कुछ ही वक़्त पहले तक वही सायोनी घोष BJP और केंद्र सरकार की सबसे मुखर आलोचकों में गिनी जाती थीं।
बैठक के बाद क्या कहा सायोनी घोष ने ?
NDA की बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सायोनी घोष ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस बैठक में भाग लिया और यहां उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला।
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान उनका अलग से भी जिक्र हुआ। उनके अनुसार, यह पूरी बैठक बेहद समृद्ध करने वाली रही और इसमें पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे।
सायोनी घोष ने कहा कि बैठक में मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई। इसके अलावा ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) को लेकर भी विस्तृत पेशकश दी गई। उन्होंने कहा कि पहली बार सांसद बनने के नाते इस तरह का अनुभव उनके लिए बहुत ही अहम रहा।
सरकार की नीतियों को समझने का मिला अवसर
सायोनी घोष के अनुसार, बैठक के दौरान केंद्र सरकार के नेताओं ने आने वाली नीतियों और आगामी विधायी एजेंडे की विस्तृत रूप से पूर्ण जानकारी दी। इससे उन्हें देश की दिशा और सरकार की कार्यप्रणाली को बहुत करीब से समझने का मौका मिला।
उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं, नीतियों और भविष्य की तैयारियों को जिस तरह पेश किया गया, वह उनके लिए नया अनुभव था। यही कारण है कि बैठक के बाद उनके बयान पूरी तरह सकारात्मक दिखाई दिए और उन्होंने खुले तौर पर NDA की बैठक की तारीफ की।
कभी मोदी सरकार की मुखर विरोधी थीं मानी जाती थीं सायोनी घोष…
इस वक़्त सायोनी घोष का मौजूदा रुख इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि साल 2024 में वह TMC के टिकट पर जाधवपुर (Jadavpur) लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं। उस वक़्त सड़क से लेकर संसद तक वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP पर निरंतर हमलावर रहती थीं।
अपने भाषणों में वह हमेशा से गीतों और शायरी के माध्यम से मोदी सरकार पर तगड़ा निशाना साधती थीं। इसी कारण से उन्हें BJP की मुखर विरोधी नेताओं में गिना जाता था।
लेकिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में परिवर्तन आने के बाद सायोनी घोष ने अपना राजनीतिक पाला बदल लिया। TMC से अलग होकर उन्होंने NCPI का साथ चुना और अब उनके बयान पहले की तुलना में बहुत अलग दिखाई आ रहे हैं।
एंटी-पेपर लीक बिल पर भी दिया सरकार का साथ
सायोनी घोष का बदला हुआ रुख सिर्फ NDA की बैठक तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एंटी-पेपर लीक बिल यानी पब्लिक एग्जामिनेशन बिल (Public Examination Bill) पर भी मोदी सरकार के कदम का खुलकर समर्थन किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC से अलग होने के बाद सायोनी घोष अब राष्ट्रीय स्तर पर खुद को मोदी समर्थक नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं। कभी ममता बनर्जी के करीबी खेमे का हिस्सा रहीं सायोनी घोष का अब मोदी सरकार की नीतियों की खुलकर तारीफ करना उनके राजनीतिक सफर का बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
बैठक में किसानों, FTA और देश की प्रगति पर हुई चर्चा
सायोनी घोष ने बताया कि NDA की बैठक में देश की प्रगति, FTA और किसानों से जुड़े कई अहम विषयों पर आंकड़ों के साथ जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इस जानकारी के ,माध्यम से अब वह लोगों को सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में बेहतर तरीके से समझा सकेंगी।
उनके अनुसार, बैठक पूर्ण रूप से व्यवस्थित थी और इसमें आने वाले विधेयकों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने यान भी कहा कि उन्होंने पहले कभी इस तरह की बैठक नहीं देखी थी, जहां इतने व्यवस्थित तरीके से सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई हो।
सायोनी घोष के बदले तेवर से बढ़ी राजनीतिक हलचल
सायोनी घोष का यह नया अंदाज राजनीतिक हलकों में निरंतर चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP की मुखर विरोधी रहीं सायोनी घोष अब NDA की बैठक को ज्ञानवर्धक, समृद्ध करने वाली और सकारात्मक रूप से अनुभव बता रही हैं।
उनका कहना है कि पहली ही NDA बैठक ने उन्हें ऐसा अनुभव दिया, जिससे उन्हें सरकार की नीतियों, भविष्य की योजनाओं और देश की दिशा को समझने का मौका मिला।
यही कारण है कि उनके बदले हुए तेवर और मोदी सरकार की खुलकर की गई तारीफ को पश्चिम बंगाल की राजनीति ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक बड़े राजनीतिक यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है।










