प्रदेश में शहरों और कस्बों में जल्द ही कूड़े की समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए सरकार की ओर से व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके जल्द ही परिणाम सामने होंगे। प्रदेश में पहली बार कूड़े की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक पंथ, दो काज किए जा रहे हैं। इससे नगर निकायों को कूड़ा निस्तारण में मदद मिलेगी और कूड़े से कमाई भी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में स्वच्छता और साफ सफाई सबसे पहले रही है। सीएम योगी ने 2017 से करीब 17 विभागों का एक संयुक्त अभियान चलाकर जापानी इंसेफेलाइटिस और एईएस जैसी बीमारी को 95 फीसदी कम करने में सफलता हासिल की है। इसी के मद्देनजर प्रदेश के 189 नगर निकायों में मटेरियल रिकवरी फेसेलिटी प्लांट लगाए गए हैं। इन प्लांटों से सूखा और गीला कूड़ा छांट कर अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद निकाय स्तर से रीसाइकिल के लिए किसी उद्योग को दिया जाएगा। इससे एक तो कूड़े की समस्या से निजात मिलेगी। साथ ही निकायों को आमदनी भी होगी।
इसके अलावा 20 नगर निकायों में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जा रहा है। इन प्लांटों से कूड़े से कंपोस्ट बनाए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर नगर निकाय इसकी बिक्री भी करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन के ईडी विपिन जैन ने बताया कि प्रदेश में कूड़े के निस्तारण की दिशा में पहली बार बड़ा कदम उठाया गया है और 653 नगर निकायों को एमआरएफ के लिए करीब 33 लाख रुपए दिए गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश के सभी नगर निकायों में कूड़े का कलेक्शन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन आदि कार्यों को व्यापक स्तर पर किया जा रहा है और नगरीय निकायों को कूड़े का कलेक्शन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, एमआरएफ और प्रासेसिंग सुविधा विकसित करने की दिशा में अहम कार्य किए गए हैं। इसमें सभी नगर निकायों को कैटिल कैचर (छुट्टा पशुओं से जनित अपशिष्ट) के लिए भी पैसा दिया गया है। इसके अलावा 10,084 ट्राई साईकिल, 2484 टिप्पर, 210 कम्पेक्टर, 9359 व्हील बैरो, 1,10,500 डस्ट बीन्स, 202 कैटल कैचर, 23,166 पीपीई किट के लिए निकायों को पैसा दिया गया है।
नगर निगमों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के तहत प्रदेश के 20 नगर निकायों में प्लांट लगाया जा रहा है। इसमें बरेली नगर निगम, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद में खोड़ा मकनपुर, उन्नाव, ललितपुर, पीलीभीत, देवरिया, हरदोई, हाथरस, खीरी, एटा, बुलंदशहर, शामली, सिकंदराबाद, नगीना, भदोही, कैराना, गंगाघाट, पडरौना और कुशीनगर नगर पालिका शामिल है। इन जगहों पर प्लांट का निर्माण कर लिया गया है और अन्य मशीनरी कार्य को किया जा रहा है। इन सभी प्लांट्स से कूड़े से कंपोस्ट बनाया जाएगा। इसके बाद नगर निकाय स्थानीय स्तर पर कंपोस्ट की बिक्री करेंगे।
प्रदेश में 11 नगर निगमों फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर में एमआरएफ प्लांट लग चुके हैं। इसके अलावा 53 नगर पालिका परिषदों अछनेरा, एत्मादपुर, शिकोहाबाद, सिरसागंज, मैनपुरी, सोरोन, नवाबगंज, सुल्तानपुर, मुबारकपुर, आंवला, बिल्सी, बदायूं, ककराला, ऊझनी, पीलीभीत, मौदहा, रांठ, चरखारी, महोबा, देवरिया, बरुआ सागर, चिरगांव, गुरसराय, मऊ रानीपुर, समथर, और्रैया, फर्रुखाबाद, कायमगंज, झिंझक, गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर, मोहम्मदी, बांगरमऊ, उन्नाव, अनूपशहर, डिबाई, गुलावठी, खुर्जा, मोदीनगर, भदोही, चुनार, किरतपुर, नूरपुर, टांडा, बेला प्रतापगढ़, फतेहपुर, खतौली, देवबंद, नकुड़, सरसावा, दीन दयाल उपाध्याय नगर चंदौली में भी एमआरएफ प्लांट लग गए हैं और जल्द ही इन्हें क्रियाशील करने की कार्यवाही चल रही है।
प्रदेश में 126 नगर पंचायतों में एमआरएफ प्लांट लगाए गए हैं। इसमें किरावली, एका, फरीहा, भोगांव, कुरावली, बेवर, बिसवान, छर्रा रफतपुर, हरदुआ गंज, इगलास, जलाली, विजय गढ़, राजा का रामपुर, सकीट, मोहनपुर, साहावर, अमरपुर, भरगैन, बीकापुर, रेवती, बिशारतगंज, देवरनियां, फरीदपुर, मीरगंज, रिठौरा, शाही, शेरगढ़, शिशगढ़, सिरौली, थिरिया निजामत खान, अल्लापुर, कुंवरगांव, मुंडिया, रूदायन, सैदपुर, उसवन, उसहैत, वजीरगंज, बरखेरा, मगहर, बबेरू, बिसंदा, नरायणी, ओरांव, टिंडवारी, कबरई, कुल्पहाड़, तुलसीपुर, सहजनवां, निचलौल, बारागांव, इरिच, गरौठा, कटेरा, रानीपुर, तोड़ी फतेहपुर, महरौनी, पाली, ताल बेहट, कमलगंज, कम्पिल, मोहम्दाबाद, शम्साबाद, डेरापुर, रसूलाबाद, शिवली, बरवार, धौरेहरा, सिंगाही भिरौरा, अमेठी, बक्शी का तालाब, गोसाईगंज, महोना, नगराम, बछरावां, डालमऊ, नसीराबाद, परसादेपुर, हरगांव, सिधौली, भागवत नगर, बीघापुर, फतेहपुर चौरासी, गंज मुरादाबाद, कुरसाथ, नवाबगंज, न्योतिनी, पुर्वा, रसूलाबाद, सफीपुर, उगु, खानपुर, नरौरा, जेवर, दौराला, हर्रा, हस्तिनापुर, खरखौदा, लावड़, घोसिया बाजार, कांठ, कुंदारकी, उमरी कालान, नरौली, सिरसी, झूंसी, खागा, कोरा जहानाबाद, हंडिया, कोरांव, लाल गोपाल गंज, मऊ अइम्मा, फूलपुर, शंकरगढ़, बुढ़ाना, चरथावल, जानसठ, शाहपुर, अंबेहटा, बेहट, चिलकाना सुल्तानपुर, नानौता, तितरांव, सैदपुर और गंगापार शामिल है।













