धनबाद खदान हादसा: पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी बोले- कोल माफिया की मदद से छिपाये गये मौत के असली आंकड़े

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धनबाद में कोयले की चाल धंसने से मजदूरों की मौत की घटना पर बीजेपी हेमंत सरकार के खिलाफ हल्ला बोलती नजर आ रही है. बीजेपी विधायक दल के नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मराण्डी ने इस घटना को दुखद बताया, तो वहीं इस इलाके में चल रहे अवैध कोयला खदानों में चल रहे खेल को लूट बताते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, ताकि सफेदपोशों के नाम का भी खुलासा हो पाए.

बाबूलाल मराण्डी ने कहा कि चाल धंसने के कारण सरकारी आंकड़ों में 5 लोगों की मौत बताई गई है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है. प्रशासन के द्वारा एविडेन्स और शवों को वहां से हटाने के लिए कोयला माफिया और मजदूरों को 13 से 14 घंटों का पर्याप्त समय दिया गया. इस कारण ये आंकड़ें सही नहीं है. प्रशासन की तरफ से अगर रेस्क्यू के लिए त्वरित कार्रवाई की जाती तो शायद हकीकत कुछ और होती

बाबूलाल मराण्डी ने बताया कि इसीएसल और बीसीसीएल के खदान में हुए हादसे के बाद प्रशासनिक रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में अंतर है, क्योंकि कोयला कटिंग को प्रशासन ने कोयला चुनना बताया है. वहीं उन्होंने बताया कि गरीबों की जान जोखिम में डालकर कोयला माफिया काम कराते हैं. जो मजदूर कोयला चुनने जाते हैं, उनसे ठेकेदार के आदमी प्रति मजदूर 50 रुपए लेते हैं. जिसका हिस्सा प्रशासन को भी जाता है. 35 रुपए प्रशासन को जाता है. वही प्रति बोरा 80 रुपये देने होते हैं. प्रशासन के संरक्षण में ये लूट का खेल चल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर वहां के जिम्मेवार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए, तो माफिया और प्रशासन के गठजोड़ की कहानी सामने आ जाएगी.

हेमंत सरकार द्वारा टॉफी और टीशर्ट मामले की जांच एसीबी से कराने पर बाबूलाल मराण्डी ने कहा कि जांच की जगह वर्तमान सरकार राजनीति कर रही है. इसके साथ ही भाषा विवाद पर उन्होंने कहा कि सरकार को इसपर एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए.

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