हिमाचल प्रदेश के विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने अपने कार्यकाल का आखिरी और पांचवां बजट पेश किया. सीएम जयराम ठाकुर से ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर उम्मीद लगाए बैठे सूबे के कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी.साथ ही ऑउटसोर्स कर्मियों को लेकर सीएम ने बजट में कोई एलान नहीं किया. हालांकि, सीएम ने बजट में आशा वर्कर, पंचायत सदस्यों के अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य और बागवानी से जुड़ी कई घोषणाएं की.
करीब 11 बजे सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा में पढ़ना शुरू किया. सीएम जय राम ठाकुर जैसे ही सदन में पहुंचे तो सत्ता पक्ष ने मेज थपथपा कर उनका स्वागत किया. सीएम ने इस दौरान कोरोना काल का जिक्र किया. सीएम ने कहा कि उज्जवला योजना जारी रहेगी और अब एक वर्ष में तीन मुफ्त सिलेंडर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नए कनेक्शन पर मिलेंगे.
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में एक साल में 583 करोड़ खर्च किए जाएंगे. कोटगढ़ और इसके आस पास के इलाकों में सत्यानंद सटोक्स ट्रेल बनाया जाएग. 198 करोड़ सिंचाई और बागवानी के क्षेत्र में एक वर्ष में 540 करोड़ खर्च होंगे. साथ ही 5 काऊ सेंचुरी और पहाड़ी गाय के लिए एक फार्म की स्थापना की जाएगी. सीएम ने बजट में घोषणा की कि कृषि-बागवानी के लिए 1123 करोड़ का बजट, साथ ही दूध खरीद में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ौतरी सरकार की ओर से की जाएगी. पशुपालन के लिए 469 करोड़ का बजट रखा गया है.













