रिपोर्ट -रानू सिंह
Barabanki News: जनपद बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक अंतर्गत थाना घुंघटेर क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिन-रात बिना किसी डर के मिट्टी का अवैध खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में पुलिस और राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार अनिल यादव, खमरिया और प्रदीप यादव द्वारा घर संहिता के अंतर्गत लगातार खनन कार्य कराया जा रहा है। (Barabanki News) बताया जा रहा है कि लेखपाल द्वारा कथित रूप से पैसे लेकर मिट्टी खनन का कार्य करवाया जा रहा है, जिससे खनन माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन पिछले दो महीनों से लगातार जारी है, लेकिन न तो पुलिस कोई ठोस कार्रवाई कर रही है और न ही राजस्व विभाग कोई सख्ती दिखा रहा है। (Barabanki News) लोगों का आरोप है कि पुलिस और लेखपाल की मेहरबानी से खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं।
एक ओर सरकार जहां अवैध खनन पर रोक लगाने और सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर चंद रुपयों के लालच में नियमों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। (Barabanki News) इस पूरे मामले में थाना घुंघटेर के थाना प्रभारी बेचू सिंह यादव और एसआई मंजेश पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
हाल ही में एसडीएम द्वारा कार्रवाई करते हुए कुछ खनन में लिप्त वाहनों को जब्त किया गया है, (Barabanki News) लेकिन इसके बावजूद पुलिस की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय समाचारों में भी यह बात सामने आई है कि खनन ठेकेदारों को न तो पुलिस का डर है और न ही राजस्व विभाग का।
ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों व राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन कितना सक्रिय होता है और क्या खनन माफियाओं पर नकेल कसी जा सकेगी या नहीं — इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।















