Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने घोषणा की है कि वह शाहपुर प्रखंड के बिटौली गांव जाकर भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। (Bharat Tiwari Encounter) भोजपुर में आयोजित एक महापंचायत के दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपराधी मान लेने मात्र से उसे न्यायिक प्रक्रिया से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून के शासन वाले देश में सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका को है।
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Bharat Tiwari Encounter: परिवार से मिलेंगे, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
बाबा बागेश्वर ने कहा कि भरत तिवारी को वह एक ऐसे युवा के रूप में जानते थे, जो सनातन समाज और हिंदू हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहता था। उन्होंने कहा कि भरत की मौत को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए। (Bharat Tiwari Encounter) उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप हैं तो उसकी जांच और सुनवाई अदालत में होनी चाहिए। ऐसे मामलों में सत्य सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि समाज में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
सरेंडर के बाद कार्रवाई पर उठाए सवाल
अपने बयान में बाबा बागेश्वर ने कथित रूप से सरेंडर करने के बाद गोली चलाए जाने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, धर्मग्रंथों और न्याय व्यवस्था की मूल भावना यही है कि शरण में आए व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिले। (Bharat Tiwari Encounter) बाबा ने यह भी याद किया कि भरत तिवारी कभी आरा से पैदल यात्रा कर बागेश्वर धाम पहुंचे थे। उनके अनुसार, भरत सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी रखते थे और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की बात करते थे।
न्यायिक जांच के बीच बढ़ा समर्थन
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। (Bharat Tiwari Encounter) साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। अब बाबा बागेश्वर के समर्थन और बिटौली गांव जाने की घोषणा के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक हस्तियों की प्रतिक्रियाओं के बीच सभी की नजरें न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।














