Chandauli News: नौगढ़ के नयनाभिराम नज़ारों पर ‘नशे’ का पहरा!

Facebook
X
WhatsApp
image 129

Chandauli News: वनांचल नौगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। चाहे चंद्रप्रभा बांध की शांत झील हो, राजदरी-देवदरी के मनमोहक झरने, नौगढ़ बांध की विशालता, या बड़ी दरी और छानपातर के एकांत स्थल हर कोई यहाँ आकर प्रकृति की गोद में शांति और सुकून महसूस करता है। (Chandauli News) लेकिन इन दिनों इन रमणीय स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ के साथ-साथ एक और चीज़ चर्चा में है पुलिस और वन विभाग का चौकन्ना पहरा!

Chandauli News: शराब की ‘तलाशी’, सुविधाओं की ‘कमी’

इन दिनों नौगढ़ के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की खासी भीड़ उमड़ रही है। इस भीड़ के बीच पुलिस और वन विभाग के जवान भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। उनका विशेष ध्यान पर्यटकों द्वारा ले जाई जा रही शराब पर है। चेकिंग के दौरान कई पर्यटकों के पास से ‘नशे’ की बोतलें बरामद भी हुई हैं। विभाग अवैध सामान पर भी कड़ी नजर रखे हुए है। (Chandauli News) हालांकि, इस सख्ती के बीच एक दिलचस्प बात सामने आई है। पर्यटकों का कहना है कि अब वे पुलिस और वन विभाग की ‘शराब विरोधी’ मुहिम को समझ गए हैं, और इसलिए अब वे पर्यटन स्थलों पर पहुंचने से पहले ही ‘दो घूंट’ लगाकर आते हैं!

Also Read –UP News: मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गैंग का शार्प शूटर शाहरुख पठान मेरठ STF मुठभेड़ में ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

‘ब्रीथलाइज़र’ की दरकार या पर्यटकों से किनारा?

स्थानीय लोगों और कुछ जागरूक पर्यटकों का मानना है कि इन पर्यटन स्थलों पर शराब पीकर आने वालों पर लगाम लगाना जरूरी है। (Chandauli News) इसके लिए विभाग को चाहिए कि वह अपने कर्मचारियों को ब्रीथलाइज़र जैसी आधुनिक अल्कोहल टेस्टिंग मशीनें उपलब्ध कराए। इससे मौके पर ही पता चल सकेगा कि कौन ‘टल्ली’ होकर प्रकृति के नज़ारों का ‘आनंद’ ले रहा है।

ऐसा करने से दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, पर्यटकों ने वन विभाग पर ‘जांच के नाम पर परेशान’ करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह की सख्ती जारी रही, तो पर्यटक यहाँ आना कम कर देंगे। (Chandauli News) इससे न केवल सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा, बल्कि यहाँ के स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होगी। आखिर पर्यटक तो मौज-मस्ती करने आते हैं, न कि ‘झंझट’ झेलने!

Also Read –Amit Shah Inaugurated New Office In Kerala: अमित शाह का केरल में बड़ा दांव! ‘मराजी भवन’ से बदलेगा दक्षिण भारत का सियासी नक्शा? कार्यकर्ताओं में जोश

शुल्क वसूली ‘फुल’, सुविधाएँ ‘गुल’

सबसे हास्यास्पद बात तो यह है कि वन विभाग इन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों से जमकर प्रवेश शुल्क वसूल रहा है, लेकिन सुविधाएँ लगभग नगण्य हैं। (Chandauli News) कैंटीन में सामान आसमान छूती कीमतों पर बिक रहा है, और वाहन पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। ऐसे में पर्यटक सोच रहे हैं कि वे प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने आए हैं या अपनी जेब खाली कराने!

अब देखना यह है कि वन विभाग और पुलिस पर्यटकों की सुरक्षा और राजस्व के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं। क्या नौगढ़ के पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए ‘नशे’ का अड्डा बनेंगे या फिर यहाँ सुविधाएँ बढ़ाई जाएंगी, ताकि पर्यटक बिना किसी ‘परेशानी’ के प्रकृति का आनंद ले सकें?यह सवाल अभी भी हवा में तैर रहा है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें