Congress CWC Meeting 2025: कांग्रेस की सर्वोच्च फैसला लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की आज 27 दिसंबर 2025 यानी शनिवार को बैठक हो रही है। इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी और नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत वर्किंग कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। इस बैठक में शामिल होने के लिए शशि थरूर भी पहुंचे। पार्टी की कई महत्वपूर्ण बैठकों से नदारद रहने के बाद थरूर का इस बैठक में पहुंचना गर्म चर्चा का विषय बना हुआ है।
Congress CWC Meeting 2025: खड़गे ने केंद्र सरकार बोला बड़ा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मोदी सरकार पर तगड़ा हमला बोला। (Congress CWC Meeting 2025) बैठक की शुरुआत में ही उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर चारों ओर बड़ा संकट छाया हुआ है और ऐसे वक़्त में कांग्रेस को भविष्य की ठोस रणनीति बनानी ज़रूरी हो गई है। उन्होंने मनरेगा, आगामी विधानसभा चुनावों, SIR, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
खड़गे ने आरोप लगाते हुए कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर करोड़ों गरीबों और कमजोर वर्गों का सहारा छीन लिया है। (Congress CWC Meeting 2025) उन्होंने कहा कि यह सिर्फ गरीबों के पेट पर लात नहीं, बल्कि उनकी पीठ में छूरा घोंपने जैसा है। मनरेगा को खत्म करना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और सम्मान पर बड़ा हमला है।
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कांग्रेस अध्यक्ष ने सोनिया गांधी के लेख का हवाला देते हुए कहा कि मनरेगा ने सर्वोदय की भावना को साकार किया और काम के अधिकार को मजबूत किया। खड़गे ने कहा कि यह संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों और अनुच्छेद 41 की भावना के खिलाफ है, जिन पर UPA सरकार ने काम का अधिकार, भोजन का अधिकार, शिक्षा और सेहत जैसे अधिकार मजबूत किए थे।
मनरेगा की खड़गे ने बताई पूरी कहानी
अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार को गरीबों की नहीं, बल्कि कुछ बड़े पूंजीपतियों के मुनाफे की चिंता सत्ता रही है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि मनरेगा की शुरुआत साल 2006, 2 फरवरी को आंध्र प्रदेश के बंडलापल्ली में हुई थी और इस योजना ने ग्रामीण भारत का चेहरा बदल दिया। (Congress CWC Meeting 2025) इससे पलायन रुका, गांवों को अकाल और भूख से राहत मिली और दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को सुरक्षा मिली।
खड़गे ने कहा कि बिना किसी अध्ययन और परामर्श के मनरेगा को खत्म करना वैसा ही है, जैसा ३ काले कृषि कानूनों के साथ किया गया था। (Congress CWC Meeting 2025) उन्होंने कहा कि देशव्यापी आंदोलन के माध्यम से सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया जाएगा, जैसे भूमि अधिग्रहण कानून और कृषि कानूनों के मामले में हुआ था।
कांग्रेस को ग्राउंड लेवल पर मजबूत करने की योजना
अध्यक्ष खड़गे ने संगठन सृजन अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि लगभग 500 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है और आने वाले 120 दिनों में शेष प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी कांग्रेस पूरी एकता के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने की आशंका पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर निगरानी करेंगे। अंत में उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सरल नहीं है, लेकिन कांग्रेस इसे जीतकर लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेगी।
आने वाले विधानसभा चुनावों पर चर्चा तेज
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि अगले साल अप्रैल-मई महीने में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के लिए पार्टी एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। साथ ही साल 2027 में चुनाव वाले राज्यों में भी अभी से मतदाता सूची, संगठन और रणनीति पर काम शुरू करने की बात कही गई। (Congress CWC Meeting 2025) उन्होंने SIR को लोकतांत्रिक अधिकारों पर संकट बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। विशेषकर दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के वोटरों के नाम बचाने के लिए BLAs को घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करने का आदेश दिया गया।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग करने का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उजागर किया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में ED, IT और CBI का प्रयोग विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए किया गया है और नेशनल हेराल्ड मामले में भी ऐसा ही प्रयास किया जा रहा है, जिनका कानूनी तौर पर सामना किया जा रहा है। (Congress CWC Meeting 2025) उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और भारत में भी क्रिसमस के दौरान कुछ संगठनों द्वारा सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। अंत में उन्होंने मनरेगा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक्शन प्लान के लिए साथियों से सुझाव भी मांगे हैं।
CWC की बैठक में इन बड़े मुद्दों पर चर्चा
यह बैठक ऐसे वक़्त हो रही है, जब केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म कर उनके स्थान पर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘जी राम जी’ कानून लागू किया है। (Congress CWC Meeting 2025) हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पारित हुआ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी मिल चुकी है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस नए कानून पर कड़ा विरोध जताया था। (Congress CWC Meeting 2025) पार्टी का आरोप है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल गांधी जी का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर भी बड़ा हमला है।















