रिपोर्ट -बिशाल कुमार गुप्ता
Chandauli: नौगढ़। सरकार की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जनजातियों और परंपरागत वन निवासियों को वन भूमि पर अधिकार देने की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है। (Chandauli) इसी क्रम में नौगढ़ की उपखंड स्तरीय वनाधिकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक 16 अक्टूबर 2025 को बुलाई गई है।
यह बैठक उपजिलाधिकारी विकास मित्तल की अध्यक्षता में होगी। (Chandauli) बैठक में शमशेरपुर, सेमरा कुशही, बोझ, बसौली, जमसोत, भरदुआ, परसिया और विशेषरपुर गांवों के आवेदकों द्वारा प्रस्तुत दावों पर विचार किया जाएगा।
समिति ने सभी प्रार्थियों को अपने दावे के समर्थन में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। (Chandauli) इसके बाद उपजिलाधिकारी, उपप्रभागीय वनाधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी (विकास) द्वारा दावों की सुनवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने बताया कि जिन लोगों के पास वन भूमि पर वास्तविक कब्जे के प्रमाण होंगे, उन्हें सरकार की ओर से वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। (Chandauli) इससे पात्र परिवारों को भूमि पर कानूनी अधिकार मिलने के साथ-साथ उनके आजीविका के साधनों को भी मजबूती मिलेगी।
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इस बैठक को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में उम्मीद का माहौल है, क्योंकि यह प्रक्रिया उनके वर्षों पुराने अधिकारों की बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।















