KGMU Conversion Case: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण और कथित धर्मांतरण की कोशिश के आरोपों में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर रमीज को लेकर जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। एजेंसियों के अनुसार, रमीज कथित तौर पर काजी और मौलानाओं के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेजों में धर्मांतरण की एक संगठित “नर्सरी” तैयार कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि फिलहाल चार युवतियां उसके निशाने पर थीं।
बताया जा रहा है कि रमीज ने आगरा की एक महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कर उससे निकाह किया था, जबकि एक अन्य महिला डॉक्टर के साथ भी इसी तरह का प्रयास किया गया। इसके अलावा उसने अपने एक जूनियर डॉक्टर को भी कथित रूप से इस नेटवर्क का हिस्सा बना लिया था। (KGMU Conversion Case) जांच के अनुसार, उस जूनियर के निशाने पर दो हिंदू छात्राएं थीं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में रमीज की गतिविधियों की परतें धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रमीज से जुड़े कई अन्य रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी हिंदू महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। रमीज की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ऐसे कई लोग भूमिगत हो गए हैं। (KGMU Conversion Case) कुछ लोग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि मामले के तूल पकड़ने के बाद कई छात्राओं ने भी खुद को संदिग्ध संपर्कों से अलग कर लिया है। हालांकि एजेंसियों की नजर अब भी रमीज से जुड़े कई लोगों पर बनी हुई है।
KGMU Conversion Case: रमीज के आगरा नेटवर्क को लेकर भी जानकारियां आई सामने
जांच में रमीज के आगरा नेटवर्क को लेकर भी अहम जानकारियां सामने आई हैं। एजेंसियों के अनुसार, रमीज ने वर्ष 2012 में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ही कथित धर्मांतरण गिरोह का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया था। (KGMU Conversion Case) इसी दौरान वह मौलानाओं और काजियों के संपर्क में आया और वहीं से इस नेटवर्क की नींव रखी गई। बाद में उसने बस्ती मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टरों से संपर्क बढ़ाया, जहां कथित तौर पर मौलाना और काजी हॉस्टल तक पहुंचने लगे।
जब रमीज का दाखिला लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुआ, तब उसने यहां भी इसी तरह की गतिविधियां शुरू कीं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह हॉस्टल में बैठकों का आयोजन करता था, जिसमें बैचमेट और जूनियर डॉक्टरों को शामिल किया जाता था। इन बैठकों का कथित उद्देश्य हिंदू छात्राओं को निशाना बनाना बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियां अब करीब 13 साल पहले आगरा एसएनएमसी में बनाए गए “इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप” से जुड़े लोगों का ब्योरा जुटा रही हैं। (KGMU Conversion Case) यह भी जांचा जा रहा है कि कहां-कहां बैठकें हुईं, उनमें कौन लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जेल भेजे जा चुके डॉक्टर रमीज के बैंक खातों से फरारी के दौरान भी लाखों रुपये का लेनदेन हुआ। बताया जा रहा है कि उसने पश्चिमी यूपी के एक व्यक्ति को पांच से सात लाख रुपये भेजे थे, जिसकी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 23 दिसंबर को चौक कोतवाली में डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने, धमकी देने और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था। (KGMU Conversion Case) इसके बाद गैर-जमानती वारंट जारी होते ही वह फरार हो गया था और दिल्ली, उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा था।















