PMO new office Seva Teerth: दिल्ली की ठंडी सुबह, आसमान में पतंगों की हलचल और देशभर में मकर संक्रांति की खुशियां… इसी शुभ दिन पर आज देश की सत्ता के इतिहास में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना दफ्तर बदलने जा रहे हैं। 1947 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से बाहर शिफ्ट होगा और नया ठिकाना बनेगा आधुनिक और भव्य ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स।
.PMO new office Seva Teerth: साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक का सफर
आज तक देश के हर प्रधानमंत्री ने साउथ ब्लॉक से ही देश की कमान संभाली। अब यह परंपरा बदल रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO New Office) जिस नई इमारत में जा रहा है, उसका नाम ‘सेवा तीर्थ-1’ (Seva Teerth-1) है। यह इमारत खास तौर पर ‘सेवा’ की भावना को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। यहां आधुनिक वर्कस्पेस, हाई-टेक मीटिंग रूम और भव्य सेरेमोनियल हॉल बनाए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कामकाज और ज्यादा प्रभावी हो सके।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स के तहत तीन अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं। (PMO new office Seva Teerth) ‘सेवा तीर्थ-2’ में कैबिनेट सचिवालय पहले ही शिफ्ट हो चुका है, जबकि ‘सेवा तीर्थ-3’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का दफ्तर होगा। यानी देश की सबसे अहम फैसले लेने वाली संस्थाएं अब एक ही परिसर में होंगी।
1,189 करोड़ की लागत, आधुनिक भारत की पहचान
पूरे सेवा तीर्थ परिसर को लार्सन एंड टुब्रो ने करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। (PMO new office Seva Teerth) यह परिसर लगभग 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है और इसे सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और तालमेल बेहतर होगा।
Also Read –Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चूहे- चिड़िया खा गए 19 करोड़ का धान! सरकारी कागज तो यही कहते हैं
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक बनेंगे ऐतिहासिक संग्रहालय
प्रधानमंत्री कार्यालय के शिफ्ट होते ही साउथ और नॉर्थ ब्लॉक की भूमिका भी बदल जाएगी। (PMO new office Seva Teerth) इन ऐतिहासिक इमारतों को अब ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां देश की हजारों साल पुरानी सभ्यता और विरासत को दिखाया जाएगा। इस म्यूजियम के विकास के लिए दिसंबर 2024 में फ्रांस की म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ समझौता भी किया गया है।
औपनिवेशिक सोच से आधुनिक भारत की ओर
यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन से जुड़ा है, जिसमें औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़कर नए भारत की पहचान गढ़ने की बात कही जाती है। (PMO new office Seva Teerth) राजपथ का कर्तव्य पथ बनना, नए संसद भवन का निर्माण और अब नया प्रधानमंत्री कार्यालय ये सभी उसी सोच की कड़ी हैं।















