Maharashtra First Female Deputy CM: महाराष्ट्र को मिली पहली ‘लेडी बॉस’! सुनेत्रा पवार लेंगी डिप्टी सीएम पद की शपथ, अजित पवार के निधन….

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Maharashtra First Female Deputy CM: महाराष्ट्र की राजनीति आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां भावनाएं, सत्ता और भविष्य तीनों एक साथ करवट ले रहे हैं। बारामती से मुंबई तक सियासी गलियारों में हलचल है और हर किसी की नजर एक नाम पर टिक गई है और वह है सुनेत्रा पवार। दुख, जिम्मेदारी और नेतृत्व के बीच से निकलकर वे आज इतिहास रचने जा रही हैं। महाराष्ट्र को मिलने जा रही है उसकी पहली महिला उपमुख्यमंत्री।

Maharashtra First Female Deputy CM: शोक से शक्ति तक का सफर

अजित पवार की बारामती में हुई विमान दुर्घटना के तीन दिन बाद लिया गया यह फैसला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शनिवार दोपहर 2 बजे अपने विधायकों की अहम बैठक बुलाई है। (Maharashtra First Female Deputy CM) इसी बैठक में सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद शाम करीब 5 बजे राजभवन में एक सादे लेकिन ऐतिहासिक समारोह में वे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं।

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पार्टी में एक राय, नेतृत्व पर भरोसा

वरिष्ठ एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि सुनेत्रा पवार के नाम पर पार्टी में पूरी सहमति है। उनका कहना है कि अजित पवार की जगह को भरने के लिए परिवार के सदस्य का नेतृत्व इस समय जरूरी है। (Maharashtra First Female Deputy CM) इससे पहले प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे जैसे वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस निर्णय की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने भी भरोसा दिलाया कि भाजपा और सरकार इस मुश्किल घड़ी में पवार परिवार और एनसीपी के साथ मजबूती से खड़ी है।

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राजनीतिक विरासत और जमीनी पकड़

सुनेत्रा पवार एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आती हैं। वे पूर्व कैबिनेट मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं। (Maharashtra First Female Deputy CM) 2024 में उन्होंने बारामती से सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि जीत नहीं मिली। इसके बावजूद, वे वर्षों से बारामती में अजीत पवार के जमीनी कामकाज को संभालती रही हैं। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ सकती है और बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ना होगा।

क्या एनसीपी के दो धड़े होंगे एक?

अजित पवार के निधन के बाद अब शरद पवार और अजित पवार गुट के विलय की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों का दावा है कि अजित पवार अपने जीवन के अंतिम दिनों में इस विलय पर काफी हद तक सहमत थे। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में दोनों गुटों का एक ही चुनाव चिह्न पर साथ लड़ना भी इसी ओर इशारा करता है। हालांकि अंतिम फैसला परिवार और एनडीए के साथ भविष्य के रिश्तों को देखकर लिया जाएगा।

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