Mamta Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है। 19 और 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मैदान में उतरकर ताबड़तोड़ रैलियां और पैदल मार्च कर रही हैं। लेकिन कोलकाता में हुई एक रैली के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि खुद ममता बनर्जी जैसा अनुभवी नेता भी बुरी तरह सहम गया। एक अजनबी शख्स अचानक सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके इतने करीब पहुंच गया कि दीदी का दिल ‘धक्क’ से रह गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
Mamta Banerjee: दम दम जेल ग्राउंड में अचानक मचा हड़कंप
यह वाकया कोलकाता के दम दम सेंट्रल जेल ग्राउंड में आयोजित एक रैली का है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा की तरह पूरे जोश के साथ कार्यकर्ताओं के बीच पैदल मार्च कर रही थीं। तभी अचानक भीड़ से निकलकर एक अज्ञात व्यक्ति सुरक्षा के कड़े घेरे को चीरता हुआ सीधे ममता बनर्जी की ओर लपका। वह व्यक्ति इतनी तेजी से आगे बढ़ा कि सुरक्षाकर्मी भी एक पल के लिए हक्का-बक्का रह गए। वह सीधे ममता बनर्जी के कदमों की ओर झुका, जिसे देखकर ऐसा लगा कि वह उनके पैर छूना चाहता है।
कलेजे पर हाथ और ‘दीदी’ का वो रिएक्शन
जैसे ही वह शख्स ममता के करीब पहुंचा, वह बुरी तरह चौंक गईं। अचानक हुए इस घटनाक्रम से दीदी कुछ पलों के लिए सहम गईं और उन्होंने घबराकर अपना हाथ कलेजे पर रख लिया। उनके चेहरे के भाव साफ बता रहे थे कि वह इस अचानक हुए हमले (या अप्रत्याशित व्यवहार) से कितनी डर गई थीं। जैसे उनके मन से आवाज निकली हो- ‘अरे बाप रे बाप!’ हालांकि, पलक झपकते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और उस व्यक्ति को दबोच लिया। कुछ ही देर में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन ममता के सहमने का वह पल कैमरे में कैद हो गया।
सुरक्षा में सेंध या सिर्फ एक प्रशंसक?
इस घटना ने बंगाल के हाई-प्रोफाइल चुनावी माहौल में सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर वह शख्स ‘जेड प्लस’ सुरक्षा घेरे को तोड़ने में कैसे कामयाब रहा। हालांकि शुरुआती तौर पर वह एक अति-उत्साही प्रशंसक लग रहा था, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी रैलियों में ऐसी चूक किसी बड़े खतरे का सबब बन सकती है। अब राज्य प्रशासन सुरक्षा प्रोटोकॉल की दोबारा समीक्षा करने की बात कह रहा है।
दहशत के बीच ‘दीदी’ का सियासी संदेश
भले ही ममता बनर्जी इस घटना से पल भर के लिए सहम गईं, लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया और मंच से केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि वे आरक्षण के तो पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध करती हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि बंगाल में उनकी सरकार पहले से ही महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दे रही है। इस घटना ने साबित कर दिया कि बंगाल के रण में सुरक्षा की चुनौतियां जितनी बड़ी हैं, ममता बनर्जी का सियासी इरादा भी उतना ही मजबूत है।















