Muslim Global Jihad Controversy: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले की गूँज अब सात समंदर पार अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सुनाई दे रही है। हमले में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद, न्यूयॉर्क सिटी की एक रिपब्लिकन काउंसिलवुमन ने सोशल मीडिया पर मुसलमानों को पश्चिमी देशों से निकालने या उन पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी है, जिसके बाद शहर की राजनीति में इस्लामोफोबिया को लेकर भारी सियासी घमासान छिड़ गया है। (Muslim Global Jihad Controversy) धार्मिक सहिष्णुता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं पर यह मामला न्यूयॉर्क की गलियों से लेकर काउंसिल तक चर्चा का केंद्र बन गया है।
Muslim Global Jihad Controversy: रिपब्लिकन नेता का ‘विस्फोटक’ बयान
विवाद की शुरुआत तब हुई जब रिपब्लिकन काउंसिलवुमन विक्की पलाडिनो ने बॉन्डी बीच हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अत्यधिक भड़काऊ पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया इस समय ‘ग्लोबल जिहाद’ के दौर से गुजर रही है, और पश्चिमी देशों के पास अब दो ही रास्ते हैं: या तो मुसलमानों को देश से बाहर निकालें या फिर उन पर सख्त पाबंदियां लागू करें। पलाडिनो ने यहाँ तक मांग कर दी कि ऐसे लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए तुरंत कड़े कानून बनाए जाने चाहिए। (Muslim Global Jihad Controversy) उनके इस बयान ने तुरंत ही शहर के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
मेयर-इलेक्ट का कड़ा जवाब
पलाडिनो के इस बयान पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया न्यूयॉर्क सिटी के मेयर-इलेक्ट जोहरान मामदानी की तरफ से आई। मामदानी ने इसे “हेट इस्लामोफोबिया” करार देते हुए स्पष्ट शब्दों में विरोध किया। उन्होंने कहा, “न्यूयॉर्क सिटी में 10 लाख मुस्लिम रहते हैं। (Muslim Global Jihad Controversy) हम यहीं के हैं, जैसे हर दूसरा न्यूयॉर्कर। इस तरह की नफरत और विभाजनकारी सोच की हमारे शहर में कोई जगह नहीं है।” मामदानी का बयान शहर के मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता दिखाता है, जिनकी आबादी अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक है।
सिडनी हमले की सच्चाई
दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बॉन्डी बीच हमला किसी बड़े या संगठित आतंकी नेटवर्क का हिस्सा नहीं था, बल्कि इसे पिता-पुत्र ने अकेले अंजाम दिया था। इस दौरान एक मुस्लिम नागरिक अहमद अल-अहमद की बहादुरी की भी खूब चर्चा हुई, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक हमलावर से राइफल छीन ली और कई लोगों की जान बचाई। यह तथ्य पलाडिनो के ‘सामूहिक आरोप’ को और भी आधारहीन साबित करता है।
एथिक्स जांच और सेंसर की मांग: राजनीति हुई गरम
रिपब्लिकन नेता के बयान के बाद न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में भी भारी रोष देखने को मिला। (Muslim Global Jihad Controversy) काउंसिल के प्रोग्रेसिव कॉकस ने तुरंत ही पलाडिनो के खिलाफ एथिक्स जांच शुरू करने और उन्हें सेंसर करने (आधिकारिक तौर पर निंदा करने) की मांग की है। मुस्लिम काउंसिल सदस्य शहाना हनीफ ने कहा कि ये बयान दिखाते हैं कि सत्ता में बैठे कुछ लोग चुनिंदा समुदायों की सुरक्षा और सम्मान को बिल्कुल भी महत्व नहीं देते। आउटगोइंग सिटी काउंसिल स्पीकर एड्रिएन एडम्स ने भी इस बयान को खतरनाक और समाज को बाँटने वाला बताकर इसकी निंदा की है। यह विवाद अब न्यूयॉर्क की बहुसांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक सहिष्णुता के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।















