Nautapa 2026 Update: मई महीना आते ही ‘नौतपा’ की ज़ोरों से चर्चा शुरू हो जाती है, जब तेज धूप और लू का प्रभाव तेजी से बढ़ने लगता है। इस दौरान लोग पहले से तैयारी में जुट जाते हैं क्योंकि सूर्य की किरणें सबसे तीखी मानी जाती हैं। ‘नौतपा’ को गर्मी का सबसे कठिन समय माना जाता है, जिसमें सतर्क रहना बेहद आवश्यक होता है।
अब देश में गर्मी अब जल्द ही अपने सबसे खतरनाक दौर में प्रवेश करने वाली है। 25 मई 2026 से शुरू होने वाला ‘नौतपा’ (Nautapa -“Nine days of extreme heat”) इस बार लोगों के लिए बेहद भारी पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दौरान तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार होने की पूरी संभावना बनी है।
बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में भीषण लू और हीट स्ट्रोक (heat stroke) का खतरा बढ़ जाएगा। (Nautapa 2026) दूसरी तरफ, ऐसी भी मान्यता है कि नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है, मानसून उतना ही बेहतर माना जाता है।
कब शुरू हो रहा ‘नौतपा’ ?
धार्मिक पंचांग के अनुसार, 25 मई 2026 यानी सोमवार की रात 8 बजकर 7 मिनट पर सूर्य कृत्तिका नक्षत्र से निकलकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। (Nautapa 2026) इसी के साथ नौतपा की शुरुआत हो जाएगी, जो 2 जून तक चलेगा। बनारसी पंचांग के मुताबिक, 26 मई की रात 9 बजे से इसका प्रभाव और तेज माना जाएगा।
क्या होता है ‘नौतपा’?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव चंद्रमा के प्रिय नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करते हैं, तब नौ दिनों तक पृथ्वी पर सूर्य का प्रभाव बहुत ही अधिक बढ़ जाता है। इसी अवधि को ‘नौतपा’ यानी कि (Nine days of extreme heat या The nine hottest days) कहा जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।
वैज्ञानिक दृष्टि के आधार पर गौर किया जाए तो मई महीने के अंतिम हफ्ते और जून की शुरुआत में सूर्य कर्क रेखा के निकट पहुंच जाता है। इस दोरान दिन लंबे और रातें छोटी होती हैं, जिस कारण जमीन पूरे दिन गर्मी सोखती रहती है और रात में भी तापमान अधिक बना रहता है। यही कारण है कि नौतपा के दौरान दिन और रात दोनों वक्त गर्मी परेशान करती है।
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बीते 4 सालों में ‘नौतपा’ के दौरान तापमान का रिकॉर्ड:
- साल 2022 में राजस्थान, दिल्ली, यूपी में अधिकतम 46°C तापमान दर्ज।
- साल 2023 में बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड में अधिकतम 44°C तापमान दर्ज।
- साल 2024 में राजस्थान, हरियाणा, यूपी में अधिकतम 47°C तापमान दर्ज।
- साल 2025 में दिल्ली, बिहार, छत्तीसगढ़ में अधिकतम 45°C तापमान दर्ज।
- 2026 (अनुमान) में यूपी, बिहार, राजस्थान, एमपी में 48°C तक तापमान दर्ज हो सकता हैं।
ध्यान देने योग्य: मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने और शुष्क हवाओं के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
इस साल मानसून (Monsoon) पर कैसा होगा प्रभाव ?
भारतीय परंपराओं में ऐसा माना जाता है कि ‘नौतपा’ जितना ज़्यादा तपता है, उतना ही मानसून ( (Monsoon) अच्छा होता है। मौसम विज्ञान में भी इसका एक वैज्ञानिक आधार माना जाता है। अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण जमीन तेजी से गर्म होती है, जिससे निम्न दबाव (low pressure) का क्षेत्र बनता है और समुद्र से नमी वाली हवाएं भारत की तरफ खिंचती हैं। यही मानसून को मजबूत बनाने में सहायता करता है।
हालांकि, इस बीच विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि रोहिणी नक्षत्र के दौरान तेज आंधी और वर्षा लगातार होती रहे तो मानसून कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले 15 दिनों का मौसम मानसून की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या हीट स्ट्रोक का बढ़ेगा खतरा ?
जानकारी के मुताबिक, नौतपा के दौरान तापमान 42 से 48 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं, हवा में नमी 60-70 प्रतिशत होने से लोगों को 50-55 डिग्री जैसी गर्मी महसूस होने की पूरी संभावना है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘हीट इंडेक्स’ (Heat Index) कहा जाता है।
‘हीट इंडेक्स’ क्या होता है ?
‘हीट इंडेक्स’ (Heat Index) वह तापमान होता है, जो हवा के तापमान और नमी (humidity) के मिलने से हमारे शरीर को वास्तव में महसूस होता है। इसे आम बोलचाल में ‘रियल फील’ या आभासी तापमान भी कहते हैं।
बता दे, डॉक्टरों ने दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। इस वक्त में ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव बहुत ही आवश्यक हैं।
‘नौतपा’ से स्वास्थ्य पर प्रभाव ?
नौतपा के दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी और लू (Heatwave) सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। इससे डिहाइड्रेशन(dehydration), हीटस्ट्रोक (heatstroke), त्वचा में जलन (skin irritation) और पेट की गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा आपको इन्फेक्शन (जैसे फूड पॉइज़निंग) की शिकायतें भी बढ़ जाती है।
त्वचा और आंखों पर प्रभाव: तेज यूवी (UV) किरणों से टैनिंग, सनबर्न और आंखों में जलन या एलर्जी हो सकती है।
किन बातों रखें ध्यान?
इस दौरान ज्यादा से ज्यादा पानी पियें और खुद हाइड्रेटेड रखें। ध्यान दें दिन भर में कम से कम 4-6 लीटर पानी अवश्य पियें। इसके अलावा आप नीबू पानी, नारियल पानी, छाछ और लस्सी का नियमित रूप से सेवन करें। भोजन हल्का और ताजा करे। तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से बचें। आप इस समय मौसमी फल जैसे कि तरबूज और खीरा आदि खा सकते हैं।
साथ इन बातों का ध्यान अवश्य रखें कि अगर घर से बाहर जाना जरूरी हो, तो अपना सिर ढककर, सनस्क्रीन लगाकर और सूती/हल्के रंग के कपड़े पहनकर ही निकले।
नौतपा में सूर्य उपासना का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ‘नौतपा’ में सूर्य देव की पूजा खासतौर से बेहद फलदायी मानी जाती है। सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र में जल, लाल फूल और लाल चंदन डालकर सूर्य को अर्घ्य देना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, जलदान, अन्नदान और जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।














