रिपोर्ट -मनोज कुमार
UP News: बाराबंकी, 22 मई-जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में डीआरडीए स्थित गांधी सभागार में कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षार्थियों के सेवायोजन एवं मुख्यमंत्री अप्रेन्टिसशिप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री अप्रेन्टिसशिप योजना की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिकाधिक युवाओं तक पहुंचाया जाए तथा जनपद में उद्योगों एवं संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार एवं प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। (UP News) उन्होंने संबंधित विभागों को प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण ट्रेड, जिनमें रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं, उन्हें विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में ट्रेडवार मेधावी छात्रों को चिन्हित किया जाए तथा जनपद में स्थापित बड़ी औद्योगिक इकाइयों एवं फैक्टरियों को प्रशिक्षण संस्थानों को गोद लेने हेतु प्रेरित किया जाए। (UP News) उन्होंने कहा कि उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा गेस्ट लेक्चर, तकनीकी सत्र एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण आयोजित कर विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जाए, जिससे वे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण संस्थानों में नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षार्थियों की अनुशासित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। (UP News) संस्थानों में नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अनुपस्थित रहने वाले प्रशिक्षार्थियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बैठक में उद्योग-व्यवसाय (ट्रेड) मैपिंग, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा प्रशिक्षार्थियों के सेवायोजन की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है तथा उनके सेवायोजन के अवसर भी सीमित हैं। (UP News) इस पर जिलाधिकारी ने अप्रासंगिक एवं अल्प उपयोगी ट्रेडों को बंद करने तथा उनकी जगह रोजगारोन्मुख नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में फूड प्रोसेसिंग, एग्रो प्रोसेसिंग एवं सोलर टेक्नीशियन जैसे नए व्यवसायों को संचालित किए जाने पर विचार-विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षार्थियों को अप्रेन्टिसशिप एवं इंटर्नशिप के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा निजी क्षेत्र के उद्योगों से समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन, उप जिलाधिकारी फतेहपुर श्री कार्तिकेय सिंह, उपायुक्त उद्योग, जिला सेवायोजन अधिकारी, श्रम विभाग के अधिकारी, विभिन्न राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















