
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ से सेवा पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें समाज को जोड़ने वाले विविध रचनात्मक कार्य शामिल होंगे। (UP News) इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पावन जन्मदिन से हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता हैं। आज पूरी दुनिया प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन कर रही है। जो भारत कभी पिछलग्गू माना जाता था, लेकिन आज अपने आत्मविश्वास से दुनिया को प्रेरित कर रहा है।
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UP News: 11 वर्षों की उपलब्धियां गढ़ रहीं हर क्षेत्र में नए प्रतिमान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। अर्थव्यवस्था, विरासत, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, नियुक्तियां, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि विकास, जल संसाधन जैसे तमाम क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित हुए हैं। (UP News) उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं, दलित और वंचित समाज को प्राथमिकता देने की वजह से हर नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। यही वजह है कि बीते 11 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाए हैं।
रामलला से महाकाल लोक तक आस्था और विरासत का सम्मान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत का सम्मान आज केवल घोषणा नहीं, बल्कि हकीकत है। अयोध्या में 500 वर्षों के बाद रामलला का भव्य मंदिर बना। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण वैश्विक जगत को आकर्षित कर रहा है। (UP News) केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का कायाकल्प हुआ है। (UP News) महाकाल लोक का निर्माण और अन्य धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण नए भारत की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की स्मृतियों से जुड़े अनेक रचनात्मक कार्य किए गए हैं, जो सामाजिक न्याय और सामाजिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं।














