भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि टी20 मैचों में बीच के ओवरों में जब भी विकेट की जरूरत होती है तो ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हमेशा आक्रामक विकल्प होते हैं. टी20 में नव नियुक्त कप्तान रोहित ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से जीत में टीम की गेंदबाजी को सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू करार दिया. इस महीने के शुरू में टी20 विश्व कप में चार साल बाद सीमित ओवरों की टीम में वापसी करने वाले 35 वर्षीय अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन किया. उन्होंने बीच के ओवरों में रन पर अंकुश लगाने के साथ विकेट भी हासिल किये।
रोहित शर्माने तीसरे टी20 में 73 रन से जीत के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘वह किसी भी कप्तान के लिये हमेशा आक्रामक विकल्प होते हैं. जब आपके पास उन जैसा गेंदबाज टीम में होता है तो इससे आपको बीच के ओवरों में विकेट हासिल करने का मौका मिलता है और हम जानते हैं कि यह चरण कितना महत्वपूर्ण होता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुबई में खेलने के बाद से ही उन्होंने शानदार वापसी की है. वह बेहतरीन गेंदबाज हैं और हम सभी यह अच्छी तरह से जानते हैं।
रोहित ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से उन्होंने टेस्ट मैचों में खुद को साबित किया है और यहां तक कि सीमित ओवरों की क्रिकेट में उनका रिकार्ड बुरा नहीं है. उन्होंने दुबई और यहां दो मैचों में जिस तरह से गेंदबाजी की उससे उनकी योग्यता का पता चलता है.’’ अश्विन ने जयपुर में चार ओवर में 23 रन देकर दो और रांची में 19 रन देकर एक विकेट लिया था. अक्षर पटेल के साथ मिलकर उन्होंने बीच के ओवरों में रन प्रवाह रोका था.
रोहित ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि बीच के ओवरों में आपको रन गति पर अंकुश लगाने और विकेट हासिल करने की जरूरत पड़ती है और अश्विन ने अक्षर के साथ मिलकर हमारे लिये ऐसा किया. ये दोनों बीच के ओवरों में विकेट हासिल करने के विकल्प हैं. इसलिए एक कप्तान के लिये उन जैसे गेंदबाजों की मौजूदगी अच्छे विकल्प मुहैया कराती है.’’ रोहित से पूछा गया कि राहुल द्रविड़ और उन्होंने टी20 विश्व कपके लचर प्रदर्शन के बाद टीम को कैसे जीत की राह पर लौटाया, उन्होंने कहा, ‘‘हम टीम के अंदर स्वस्थ माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. खिलाड़ियों को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे स्वच्छंद होकर खेल सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जो पहली बैठक हुई थी तो हमने प्रत्येक खिलाड़ी को यह स्पष्ट रूप से बता दिया था कि अगर आप टीम के लिये कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं तो उसे कभी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.’’ रोहित ने कहा, ‘‘यह कप्तान और कोच का काम है कि वे खिलाड़ियों को बतायें कि वे क्या समझते हैं और आप टीम के लिये क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है. आपके पास कई विकल्प होते हैं और इसलिए काम आसान नहीं होता. आप हर किसी को टीम में फिट करने की कोशिश करते हैं लेकिन केवल 11 ही खेल सकते हैं इसलिए यह आसान नहीं है।







