बाराबंकी : परिवहन विभाग की ओर से वाहनों में ध्वनि प्रदूषण की जांच करने के लिए अभियान चलाया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ की टीम ने बुलेट के आवाज की जांच की। इस दौरान प्रवर्तन दल ने मानक से अधिक आवाज मिलने पर 10 बुलेट का चालान किया गया और एक बुलेट सीज कर दी।
शहर में पटेल तिराहे पर एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. सर्वेश गौतम की अगुवाई में वाहनों की आवाज मापने के लिए दो पहिया वाहनों की जांच ध्वनि मापक यंत्र से हुई। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गोमती नगर लखनऊ के अधिकारियों ने वाइस मॉनिटरिंग डिवाइस से 25 बुलेट की जांच की। इस दौरान 10 बुलेट ऐसी मिली जिनके साइलेंसर बदल गए थे।
इसके अलावा तेज आवाज के हॉर्न भी लगा रखे थे। टीम ने 10 बुलेट पर दस-दस हजार रुपये का चालान कर दिया। वहीं कागजात में कमी पाए जाने पर एक बुलेट सीज कर दी। एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि अभियान लगातार चलेगा। वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साइलेंसर बदलने वाले 10 बुलेट पर एक लाख रुपये का चालान किया गया है। कागजात में खामियां पाए जाने पर एक बुलेट को सीज कर दिया गया है।
एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि दो पहिया वाहन बुलेट में कंपनी की तरफ से लगाए गए साइलेंसर को हटाकर तेज व भयानक आवाज वाले साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मौके पर माल कर अधिकारी उमाशंकर, लखनऊ से वैज्ञानिक सहायक अनिल कुमार वर्मा, अनुश्रवण सहायक अंकुर गौतम, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अवनीश सिंह मौजूद रहे।
ज्यादातर लोग बाइक का मूल साइलेंसर निकालकर उसके स्थान पर दूसरा साइलेंसर लगा कर चल रहे हैं। साइलेंसर बदलने के बाद इसकी आवाज बाइक की गति बढ़ने के साथ बदलती रहती है। ये बाइक सड़क पर दौड़ती हैं तो हाई फ्रीक्वेंसी ध्वनि होती है जो कानों में चुभती है। कुछ में गति तेज करने पर अधिक तेज ध्वनि होती है। यह आवाज से हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है।
मोहम्मदपुर चौकी, टोल प्लाजा के समीप एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान नियम विरुद्ध तरीके से अवैध कागजात के साथ वाहन पकड़े गए। जिसमें 14 बस और 10 ट्रकों का चालान किया गया और तीन बस सीज कर दी गईं।













