राज्य में जितनी ऑक्सीजन दी गई है उतनी देश के किसी अन्य राज्य में नहीं दी गई। सरकार की ओर से प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने दावा किया कि प्रदेश के किसी जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जितनी ऑक्सीजन की जरूरत है उतनी ऑक्सीजन जिलों को पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन सप्लाई 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि इसके पहले गुरुवार दोपहर मथुरा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहली लहर में संक्रमण इतना तीव्र नहीं था। उस समय ऑक्सीजन की आवश्यकता भी ज्यादा नहीं थी। एल-1 हॉस्पिटल से ही काम चल रहा था। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मांग अचानक बढ़ी है। ऑक्सीजन के मामले में वायु सेना और भारतीय रेलवे ने सहयोग किया। इससे काफी हद तक ऑक्सीजन की कमी को दूर कर लिया गया। प्रदेश में 377 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ लग चुके हैं। अस्पतालों में बेड की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि विपक्ष लगातार इस बात पर सवाल उठा रहा है कि पहली लहर के बाद सरकार ने लापरवाही बरती और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं की गई। इससे लोगों की तड़प तड़प कर मौत हो गई।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 12 दिन में 1 लाख 6 हजार एक्टिव केस कम हुए हैं। इस समय 2 लाख 4 हजार एक्टिव केस हैं। यूपी में चार करोड़ 36 लाख टेस्ट हो चुके हैं। प्रदेश में इस समय ढाई लाख तक टेस्ट हर रोज किये जा रहा है। मार्च तक सवा लाख प्रतिदिन की क्षमता थी। हमने टेस्टिंग की क्षमता करीब दोगुना बढ़ाई है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 17,775 नए मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक नए मरीजों की संख्या बुधवार के मुकाबले करीब एक हजार कम है।













