Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा में एक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब मंत्री नंद गोपाल नंदी और बीजेपी कार्यकर्ता शैलेन्द्र वर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला उस समय सामने आया, जब शैलेन्द्र वर्मा जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की शिकायत लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे।
Banda News: भाषण देना है तो मंच लगवा दूं”
बताया जा रहा है कि जब शैलेन्द्र वर्मा ने अपनी बात रखने की कोशिश की तो मंत्री नंद गोपाल नंदी ने उनसे कहा कि अगर भाषण देना है तो मंच लगवा देते हैं। इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा गरमा गया और बातचीत तीखी हो गई।
किसी और का एजेंट कहने पर नाराजगी
विवाद तब और बढ़ गया, जब मंत्री ने शैलेन्द्र वर्मा को किसी और का एजेंट तक कह दिया। इस टिप्पणी से नाराज होकर बीजेपी कार्यकर्ता ने अपना विरोध जताया और मंत्री के इस व्यवहार पर असंतोष व्यक्त किया।
पहले भी कर चुके हैं शिकायत
शैलेन्द्र वर्मा का कहना है कि वह पहली बार यह मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। इससे पहले भी वह बांदा की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पत्र दे चुके हैं। खास तौर पर 300 बेड वाले सरकारी अस्पताल को शुरू कराने के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं और कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को पत्र लिख चुके हैं।
लंबे समय से BJP से जुड़े हैं शैलेन्द्र
शैलेन्द्र वर्मा पिछले नौ सालों से बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। वह पेशे से वकील हैं और छात्र नेता भी रहे हैं। उनका कहना है कि वह जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इस तरह का जवाब मिला, जो निराशाजनक है।
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“ऐसा ही रहा तो 2027 पड़ेगा भारी”
इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए शैलेन्द्र वर्मा ने साफ कहा कि अगर इसी तरह की स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है। उनका इशारा साफ तौर पर जनता की नाराजगी की तरफ था।
शिक्षामित्र सम्मान समारोह में पहुंचे थे मंत्री
बताया जा रहा है कि मंत्री नंद गोपाल नंदी बांदा में शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, जहां यह पूरा घटनाक्रम सामने आया। अब इस मामले को लेकर स्थानीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।















