रिपोर्ट- आकाश रैकवार
Chitrakoot: चित्रकूट। पुलिस लाइन चित्रकूट में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों को गुरुवार को चित्रकूट के अपर पुलिस अधीक्षक श्री सत्यपाल सिंह ने पुलिस कार्यप्रणाली में बीट सिस्टम की महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान एएसपी ने बीट की परिभाषा, उसकी उपयोगिता तथा एक पुलिस आरक्षी की जिम्मेदारियों पर विशेष जोर दिया। (Chitrakoot) उन्होंने बीट पुस्तिका के सही उपयोग, रिकॉर्ड संधारण एवं बीट स्तर पर कानून-व्यवस्था नियंत्रण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

एएसपी ने पुलिस रेगुलेशन के पैरा 61 और 63 का उल्लेख करते हुए आरक्षियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और पुलिसिंग में व्यवहारिक अनुशासन के महत्व के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बीट अधिकारी केवल कानून लागू करने वाली इकाई नहीं है, बल्कि जनता और पुलिस के बीच सेतु का कार्य करता है।
प्रशिक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों की भूमिका, C-Plan ऐप का उपयोग, बीट बुक में लाइसेंसधारकों, पासपोर्टधारकों एवं सम्भ्रांत व्यक्तियों का रिकॉर्ड संधारण, बीट सम्मन एवं नोटिस जारी करने की प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अलावा, वारंट तामिला, इतिहासशीटरों की निगरानी, संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन, संभावित विवादों की प्रविष्टि, तथा अपराध निवारण की रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। (Chitrakoot) एएसपी ने आरक्षियों को ग्राम अपराध रजिस्टर नंबर-08 एवं बीट पुस्तिका के विभिन्न भागों का व्यवहारिक अध्ययन भी कराया।
प्रशिक्षण के दौरान आरटीसी प्रभारी निरीक्षक शिवमूरत यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। (Chitrakoot) एएसपी ने अंत में कहा कि बीट सिस्टम पुलिसिंग की आधारशिला है और हर जवान को इसे तकनीकी तथा व्यवहारिक दोनों रूप से समझना होगा।













