Pakistan Water Crisis Ravi River: इस बार गर्मी का मौसम पाकिस्तान के लिए सिर्फ तपिश नहीं, बल्कि पानी की भारी किल्लत लेकर आने वाला है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि वहां बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। पहले से ही जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं, क्योंकि भारत एक अहम जल परियोजना को पूरा करने जा रहा है, जिसका सीधा असर रावी नदी के पानी पर पड़ेगा।
Pakistan Water Crisis Ravi River: रावी नदी पर भारत का बड़ा कदम
पाकिस्तान पहले ही पानी की कमी से परेशान है। अब भारत की ओर से शाहपुर कंडी बैराज के लगभग पूरा हो जाने से हालात और गंभीर हो सकते हैं। (Pakistan Water Crisis Ravi River) यह बैराज 31 मार्च तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। अब तक स्टोरेज की कमी के कारण रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान की ओर बह जाता था, लेकिन बैराज के चालू होते ही इस पानी को रोका जाएगा।
जम्मू-कश्मीर को मिलेगा फायदा
इस परियोजना को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार के मंत्री जावेद राणा ने अहम जानकारी दी है। (Pakistan Water Crisis Ravi River) उन्होंने कहा कि इसका मकसद कठुआ और सांबा जैसे सूखे से जूझ रहे जिलों को सिंचाई का पानी देना है। बैराज से स्थानीय किसानों को राहत मिलेगी और जम्मू-कश्मीर की जनता को पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
46 साल बाद साकार हुआ सपना
रावी नदी पर इस परियोजना की कल्पना 1979 में की गई थी। 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसकी नींव रखी थी। (Pakistan Water Crisis Ravi River) लेकिन पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच विवादों के चलते यह योजना दशकों तक अटकी रही। वर्ष 2018 में मोदी सरकार के हस्तक्षेप के बाद काम ने रफ्तार पकड़ी और अब 46 साल बाद यह सपना पूरा होने जा रहा है।
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पाकिस्तान की खेती पर गहराता संकट
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक खेती पर निर्भर है। उसकी लगभग 80 प्रतिशत कृषि सिंधु नदी प्रणाली पर आधारित है। रावी का अतिरिक्त पानी रुकने से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। लाहौर और मुल्तान जैसे बड़े शहरों की जलापूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
नियमों के दायरे में भारत का फैसला
भारत का यह कदम 1960 की सिंधु जल संधि के पूरी तरह अनुरूप है। (Pakistan Water Crisis Ravi River) इस संधि के तहत रावी, सतलुज और ब्यास जैसी पूर्वी नदियों पर भारत का पूरा अधिकार है। अब तक जो पानी बुनियादी ढांचे के अभाव में पाकिस्तान चला जाता था, भारत उसी को रोक रहा है।
आतंकवाद के बाद सख्त रुख
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जल नीति को लेकर सख्ती दिखाई है। (Pakistan Water Crisis Ravi River) चिनाब और झेलम नदी से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम तेज किया गया है। जिससे साफ है कि पानी अब सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक ताकत बनता जा रहा है, और इसका असर पाकिस्तान को आने वाले दिनों में गहराई से महसूस होगा।















