Ram Mandir Staff Scam Exposed: अयोध्या के पावन राम मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं के चढ़ावे की अकूत नगदी और आभूषण गायब होने के मामले में हर दिन ऐसे सनसनीखेज सच सामने आ रहे हैं, जिसने पूरे देश की जनता को हिलाकर रख दिया है. इस महाघोटाले की चल रही एसआईटी जांच के बीच अब नियुक्तियों को लेकर एक ऐसा विस्फोटक खुलासा हुआ है, जिसने सीधे राम मंदिर ट्रस्ट और एक बड़े सरकारी बैंक को कटघरे में खड़ा कर दिया है. (Ram Mandir Staff Scam Exposed) मंदिर परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई देखने वाली निजी एजेंसी के आला अधिकारियों ने ऑन-कैमरा यह कबूल कर लिया है कि चोरी के आरोपी कर्मचारियों की भर्ती किसी नियम-कायदे से नहीं, बल्कि सीधे ट्रस्ट की सिफारिश पर की गई थी. इस नए खुलासे के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर वो कौन सा रसूखदार चेहरा था, जिसके इशारे पर इन शातिर चोरों को भगवान के खजाने के पास तैनात किया गया था.
Ram Mandir Staff Scam Exposed: मिडिया की तफ्तीश में खुली पोल
इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए मीडिया टीम ने सीधे सैनिक सिक्योरिटी फर्म के डायरेक्टर गौरव और उनके एरिया मैनेजर जयराम से आमने-सामने तीखे सवाल किए. आपको बता दें कि ये दोनों वही शख्स हैं जिनसे यूपी पुलिस और एसआईटी के आला अधिकारी पिछले कई दिनों से बंद कमरे में पूछताछ कर रहे हैं. (Ram Mandir Staff Scam Exposed) इस बातचीत के दौरान सिक्योरिटी फर्म के कर्ताधर्ताओं ने साफ लफ्जों में बताया कि मंदिर में तैनात हाउसकीपिंग स्टाफ की भर्ती भले ही कागजों पर उनकी एजेंसी के जरिए दिखाई गई हो, लेकिन उन सभी 18 से 19 लड़कों के नामों का चयन खुद राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों ने किया था. ट्रस्ट ने सीधे उन नामों की एक गुप्त सूची तैयार करके बैंक को सौंपी और बैंक ने एजेंसी पर दबाव बनाया कि इन्हें तुरंत नौकरी पर रख लिया जाए.
नवंबर 2024 का वो सीक्रेट वर्क ऑर्डर
सिक्योरिटी फर्म के एरिया मैनेजर जयराम ने जांच एजेंसियों को दिए अपने बयान को दोहराते हुए बताया कि वे तो सिर्फ आदेश का पालन कर रहे थे. उन्होंने खुलासा किया कि नवंबर 2024 में उन्हें अचानक बुलाकर 15 नए लोगों का एक स्पेशल वर्क ऑर्डर थमाया गया था. (Ram Mandir Staff Scam Exposed) इस वर्क ऑर्डर के साथ बैंक के अधिकारियों ने बकायदा उन बंदों के नाम और पते की पूरी लिस्ट भी दी थी. एजेंसी को साफ हिदायत दी गई थी कि बिना किसी इंटरव्यू या बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के इन्हीं खास लड़कों को काम पर रखना है और हर महीने इनके बैंक खातों में सैलरी ट्रांसफर करनी है. जयराम के मुताबिक, इससे पहले भी जो 4 लोग वहां काम कर रहे थे, उनके नाम भी बैंक मैनेजमेंट ने ही तय करके दिए थे.
बड़े टेंडर के लालच में तोड़े नियम
जब एजेंसी के डायरेक्टर गौरव से पूछा गया कि उन्होंने बिना किसी जांच के इन अनजान लोगों को देश के सबसे संवेदनशील मंदिर में एंट्री कैसे दे दी, तो उन्होंने अपनी मजबूरी का रोना रोया. गौरव ने बताया कि उनकी कंपनी का स्टेट बैंक के साथ कॉर्पोरेट स्तर पर एक बड़ा अनुबंध है. (Ram Mandir Staff Scam Exposed) अयोध्या के अलावा देश के 8 से 10 राज्यों में उनकी एजेंसी खुद अपने नियमों से भर्तियां करती है. लेकिन अयोध्या राम मंदिर का टेंडर बहुत बड़ा और प्रतिष्ठा से जुड़ा था, इसलिए वे बैंक अधिकारियों की बात को टाल नहीं सके. बैंक ने उन्हें साफ कहा था कि ये ट्रस्ट के अपने चहेते आदमी हैं, जिन्हें सिर्फ पेरोल पर रखना है.
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अब बैंक के उस बड़े अफसर की तलाश
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सस्पेंस उस सरकारी बैंक के अधिकारी को लेकर बन गया है, जिसने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए ट्रस्ट की उस सिफारिशी लिस्ट को आगे बढ़ाया था. (Ram Mandir Staff Scam Exposed) अगर एसआईटी उस जिम्मेदार बैंक मैनेजर या अधिकारी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करती है, तो इस चंदा चोरी रैकेट के पीछे बैठे असली मास्टरमाइंड का नाम बहुत जल्द देश के सामने आ जाएगा. फिलहाल सुरक्षा एजेंसी उस विवादित वर्क ऑर्डर की कॉपी मीडिया के सामने पेश करने से बच रही है, जिससे शक की सुई और गहरी हो गई है.











