जौनपुर : देश की जनता को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया।तमाम विपक्षी दलों ने इसे किसान आंदोलन की जीत बताया है।सियासी हलकों में यह चर्चा भी आम है कि यूपी और पंजाब में पार्टी की खराब स्थिति को देखते हुए पीएम ने यह फैसला लिया है।शाहगंज के विधायक और सूबे के पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव ललई ने कहा है कि अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा में उमड़ रही भीड़ से सरकार डर गई और काले कानून को वापस लेने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उठाई गई सत्य और न्याय की आवाज को ज़ालिम हुकूमत ने हर स्तर पर दबाने की कोशिश की। कभी उनपर लाठियां बरसाईं तो कभी अपने गुंडों को भेज कर मासूम किसानों को पिटवाया।किसानों की राह में कील ठोकी गयी।सत्ता के अहंकार में उन्हें गाड़ियों से रौंद दिया गया।इस आंदोलन में 700 से ज़्यादा किसान शहीद हुए।इनका ज़िम्मेदार कौन है.? ललई यादव ने कहा कि यूपी में योगी सरकार की विदाई तय है।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुर्वांचल विजय यात्रा में जिस तरह से लाखों की भीड़ उमड़ रही है उसे देख कर अहंकारी सरकार डर गई है।
ललई यादव ने यह भी कहा कि सूबे की भाजपा सरकार अभी तक समाजवादी हुकूमत द्वारा किये गए विकास कार्यों का फीता काट रही है।जिस पुर्वांचल एक्सप्रेसवे का पीएम ने उदघाटन किया उसका शिलान्यास अखिलेश यादव ने 2016 में किया था यह बात सबको पता है।लेकिन चुनावी बेला में जनता को बरगला कर वोट लेने के लिए अधूरे एक्स्प्रेसवे का आनन फानन में उदघाटन कर दिया गया।यह जनता है , सब जानती है .
रिपोर्ट : पठान अली









