Pakistan water crisis: पड़ोसी देश पाकिस्तान इस वक्त एक ऐसे संकट से जूझ रहा है जिसने वहां की सरकार और जनता दोनों की नींद उड़ा दी है। कहा जाता है कि भविष्य के युद्ध पानी के लिए लड़े जाएंगे, और पाकिस्तान के मौजूदा हालात को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह मंजर अब करीब आ चुका है। पाकिस्तान के खेतों में दरारें पड़ रही हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और नहरें सूखती जा रही हैं। इस हाहाकार के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर उंगली भारत की तरफ उठाई है। (Pakistan water crisis) उनका दावा है कि भारत ने अपनी सीमाओं के भीतर नदियों का रुख मोड़ दिया है या पानी रोक लिया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। क्या वाकई भारत ने ‘जल शक्ति’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की नब्ज दबा दी है? आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी सच्चाई, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
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Pakistan water crisis: चिनाब नदी में अचानक आई कमी से मचा हड़कंप
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने देखा कि चिनाब नदी के पानी के बहाव में जबरदस्त गिरावट आई है। पाकिस्तान का कहना है कि चिनाब में पानी का स्तर इतना कम हो गया है कि पंजाब प्रांत की नहरें सिंचाई के लिए तरस रही हैं। इससे वहां गेहूं और दूसरी महत्वपूर्ण फसलों पर सीधा खतरा मंडराने लगा है। पाकिस्तान ने आनन-फानन में भारत को एक पत्र लिखकर इस ‘असाधारण’ कमी पर स्पष्टीकरण मांगा है। (Pakistan water crisis) पाकिस्तान का आरोप है कि पानी के बहाव में यह अस्थिरता प्राकृतिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी योजना का हाथ है। हालांकि, कुछ दिनों के बाद बहाव में थोड़ी स्थिरता जरूर आई, लेकिन पाकिस्तान की चिंताएं अभी भी खत्म नहीं हुई हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई पाकिस्तान की धड़कनें
पाकिस्तान ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का सहारा लिया है। पाकिस्तान के मंत्रालय का दावा है कि 8 दिसंबर को मिली तस्वीरों में भारत के बगलिहार बांध के जलाशय क्षेत्र में भारी कमी देखी गई थी, जो 13 दिसंबर तक अचानक फिर से बढ़ गई। (Pakistan water crisis) पाकिस्तान को शक है कि भारत ने पहले बगलिहार जलाशय को पूरी तरह खाली कर दिया और फिर उसे दोबारा भरने के लिए चिनाब नदी का पानी रोक लिया। पाकिस्तान इसे सिंधु जल संधि का उल्लंघन मान रहा है और उसका कहना है कि भारत बांधों के जरिए पानी को अपनी मर्जी से नियंत्रित कर रहा है, जिससे पाकिस्तान के किसानों की कमर टूट रही है।
झेलम नदी पर भी संकट और 150 लाख एकड़ जमीन पर खतरा
सिर्फ चिनाब ही नहीं, बल्कि झेलम नदी को लेकर भी पाकिस्तान ने मोर्चा खोल दिया है। पाकिस्तान के सिंधु जल कमिश्नर सैयद मेहर अली शाह के मुताबिक, झेलम नदी में भी पानी का बहाव लगातार कम हो रहा है। (Pakistan water crisis) उनका आरोप है कि भारतीय अधिकारी अचानक पानी रोकते हैं और फिर अचानक छोड़ देते हैं, जिससे पाकिस्तान के मंगला बांध तक पहुंचने वाला पानी बहुत कम रह गया है। इस पानी की कमी का असर पाकिस्तान की लगभग 150 लाख एकड़ कृषि भूमि पर पड़ रहा है। (Pakistan water crisis) पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अगर भारत ने इसी तरह पानी रोकना जारी रखा, तो वे इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे। फिलहाल, पाकिस्तान को भारत के जवाब का इंतजार है, जिसके बाद ही वह अपना अगला कदम तय करेगा।













