Ram Mandir : अयोध्या में भव्य राम मंदिर में स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान आज यानी मंगलवार से शुरू हो गया है। अयोध्या में सुबह साढे 9 बजे से पूजा शुरू हो गई है, ये लगभग पांच घंटे तक चलेगी। अनुष्ठान के पहले दिन प्रायश्चित और कर्म कुटी पूजन का कार्यक्रम होगा। सबसे पहले प्रायश्चित पूजा के साथ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है।
Ram Mandir : प्रायश्चित पूजा क्या होती है?

प्रायश्चित पूजा वह विधि होती है, जिसमें शारीरिक, आंतरिक, मानसिक और बाह्य इन तीनों तरीके का प्रायश्चित किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बाह्य प्रायश्चित के लिए स्नान की 10 विधियां हैं। इसमें लोग पंच द्रव्य के अलावा भस्म समेत कई औषधीय सामग्रियों से स्नान करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कर्म कुटी का मतलब यज्ञशाला पूजन है। यज्ञशाला की पूजन शुरू होने से पहले लोग हवन कुंड या बेदी की पूजा करते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु की एक छोटी सी पूजा की जाती है। उसके बाद ही हम उस विधि को पूजा के लिए अंदर ले जाते हैं। हर क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए पूजा-अर्चना की जाती है। उस पूजा का अधिकार मिलने के बाद हम अंदर जाते हैं और पूजा करते हैं।
Ram Mandir : पांच घंटे चलेगी पूजा

आपको बता दें कि प्रायश्चित्त की पूजा करने में कम से कम 2 घंटे का समय लगता है और विष्णु पूजा के लिए भी उतना ही समय लगता है। यानी मंगलवार की पूजा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी और करीब 5 घंटे तक चलेगी। इस पूजा में 121 ब्राह्मण बैठेंगे।
Ram Mandir : प्राण प्रतिष्ठा का क्या महत्व है?

हिंदू धर्म में प्राण प्रतिष्ठा एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इस अनुष्ठान के बाद मूर्ति में प्राण का संचार होता है और वह मूर्ति जीवंत हो जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद मूर्ति में भगवान का वास होता है और लोग उस मूर्ति की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। गर्भ गृह को पूरी तरह से साफ-सुथरा कर दिया गया है। मूर्ति को भी विशेष तरीके से तैयार किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा के लिए 121 ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया है।
Ram Mandir : प्राण प्रतिष्ठा का देश और दुनिया के लिए महत्व
प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का विधि-विधान के साथ पूजन किया जाएगा। इसके बाद रामलला को गर्भ गृह में विराजमान किया जाएगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का देश और दुनिया के लिए विशेष महत्व है। यह भारत की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से हिंदू धर्म को नई ऊर्जा मिलेगी और भारत की एकता और अखंडता को मजबूती मिलेगी।













